जबलपुरः एफआईआर के विरोध में कांग्रेस का एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन, गेट पार कर पहुंचे केबिन तक
जबलपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में कांग्रेस नेताओं आलोक मिश्रा और चिंटू चौकसे के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए एफआईआर निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता मुख्य गेट पार कर एसपी कार्यालय परिसर के भीतर पहुंच गए और एसपी के केबिन के सामने विरोध जताया।
एफआईआर के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़ गए और परिसर के भीतर प्रवेश कर गए। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को मालवीय चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी मानस द्विवेदी के बीच विवाद हो गया था। बीच-बचाव के दौरान कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे भी वहां पहुंच गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लार्डगंज थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी ने पहले आलोक मिश्रा को धक्का दिया था, जिसके बाद विवाद बढ़ा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर एसपी कार्यालय और कोतवाली थाने का घेराव किया जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ ने बताया कि 21 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारी के बीच विवाद तथा धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया था, जिसके आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

