सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित

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सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित


भोपाल, 24 जुलाई (हि.स.)। विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स ' का राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया।

सेमिनार में प्रदेशभर से आए मास्टर ट्रेनर्स, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आगामी रणनीति पर मंथन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता, समन्वय क्षमता और सेवा भावना की भी परीक्षा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित पुलिस बल और बेहतर समन्वय के माध्यम से सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक-सक्षम आयोजन बनाया जाएगा।

तीन वर्षों से चल रही है चरणबद्ध तैयारी

डीजीपी मकवाणा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियां पिछले तीन वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से जारी हैं। फरवरी 2026 में उज्जैन में आयोजित मंथन और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की गई, जबकि अप्रैल 2026 की समीक्षा बैठक में पुलिस ड्यूटी पोर्टल, eHRMS आधारित मानव संसाधन प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ के लिए आवश्यक पुलिस अधोसंरचना के विकास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को शासन की स्वीकृति मिल चुकी है और कई निर्माण एवं विकास कार्य प्रगति पर हैं।

303 मास्टर ट्रेनर्स तैयार, हजारों पुलिसकर्मियों को दे रहे प्रशिक्षण

डीजीपी मकवाणा ने बताया कि ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) कार्यक्रम के दो चरणों के माध्यम से प्रदेशभर में 303 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए गए हैं। ये प्रशिक्षक अपने-अपने जिलों में हजारों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भूमिका आधारित प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया जैसी व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी बन सकें।

महाकुंभ-2025 के अनुभवों का मिलेगा लाभ

उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन से मिले अनुभवों का भी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने प्रयागराज जाकर वहां की भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली का अध्ययन किया, जिसे प्रशिक्षण मॉड्यूल में शामिल किया गया है।

पुलिस बल की क्षमता बढ़ेगी

डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2025 में 8,500 और वर्ष 2026 में 9,662 पुलिस पदों पर भर्ती को स्वीकृति मिली है। लगभग 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती से सिंहस्थ-2028 सहित भविष्य की कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय बाद उपनिरीक्षक एवं सूबेदार संवर्ग में भर्ती हुई है और उनका प्रशिक्षण जल्द शुरू होगा।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

सेमिनार में उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को व्यवहारिक, तकनीक आधारित और परिस्थिति अनुरूप बनाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने भीड़ नियंत्रण, वन-वे मूवमेंट, कलर कोडिंग, होल्डिंग एरिया, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, वैकल्पिक संचार व्यवस्था और अफवाहों पर त्वरित नियंत्रण जैसे विषयों पर सुझाव दिए। दोपहर बाद आयोजित पैनल चर्चा में प्रशिक्षण में नवाचार, आधुनिक तकनीक के उपयोग, व्यवहारिक अभ्यास और जिलों से प्राप्त फीडबैक पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सिंहस्थ-2028 की आगामी प्रशिक्षण कार्ययोजना प्रस्तुत की गई और सभी प्रतिभागियों ने आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुकरणीय बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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