शिवपुरीः अटल सागर बांध 74.30 प्रतिशत भरा, मानसून में 617 मिमी बारिश दर्ज

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शिवपुरीः अटल सागर बांध 74.30 प्रतिशत भरा, मानसून में 617 मिमी बारिश दर्ज


शिवपुरी, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मानसूनी गतिविधियों के बीच सिंध परियोजना के अटल सागर (मड़ीखेड़ा) बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे तक बांध अपनी कुल भराव क्षमता का 74.30 प्रतिशत भर चुका है। बांध का वर्तमान जलस्तर 342.60 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम जलस्तर 346.25 मीटर है। इस तरह बांध का जलस्तर अधिकतम स्तर से 3.65 मीटर नीचे है।

जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध में वर्तमान में 620.27 मिलियन क्यूबिक मीटर उपयोगी जल संग्रहित है। पिछले वर्ष इसी दिन बांध का जलस्तर 342.95 मीटर तथा भराव 76.33 प्रतिशत था। इस लिहाज से इस वर्ष बांध का जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में मामूली कम है।

24 घंटे में 17 मिमी बारिश

मड़ीखेड़ा बांध क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही चालू मानसून सीजन में बांध क्षेत्र में अब तक 617 मिलीमीटर संचयी वर्षा दर्ज हो चुकी है। विभाग के वर्षामापी केंद्रों के अनुसार रन्नोद में सर्वाधिक 13 मिमी, मड़ीखेड़ा में 2 मिमी तथा मुन्द्रा सागर में 2 मिमी बारिश हुई। बेहाताघाट और आरोन में इस अवधि में बारिश दर्ज नहीं की गई।

50.58 क्यूमेक्स पानी की आवक और इतनी ही निकासी

बांध में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 50.58 क्यूमेक्स पानी की आवक दर्ज की गई। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए इतनी ही मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है। वर्तमान स्थिति में बांध के स्पिलवे गेट बंद हैं और मुख्य द्वारों से पानी की निकासी नहीं की जा रही है। बांध से कुल 50.58 क्यूमेक्स पानी की निकासी में से 46.08 क्यूमेक्स पानी पावर हाउस के माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए छोड़ा जा रहा है, जबकि 4.50 क्यूमेक्स पानी उकायला के माध्यम से निकाला जा रहा है।

मानसून में अटल सागर का प्राकृतिक सौंदर्य आकर्षण का केंद्र

बारिश के चलते अटल सागर बांध और इसके आसपास का क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो गया है। जलाशय में बढ़ता पानी, आसपास की पहाड़ियां और मानसूनी बादल क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य को और निखार रहे हैं। ऐसे में यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, जल संसाधन विभाग द्वारा बांध के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली बारिश और पानी की आवक के आधार पर आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा

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