जैविक किसानों को भी मिले भावांतर योजना का लाभ: महिम भारद्वाज की मांग

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जैविक किसानों को भी मिले भावांतर योजना का लाभ: महिम भारद्वाज की मांग


शिवपुरी, 21 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुूरी जिले के प्रगतिशील किसान महिम भारद्वाज ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जैविक खेती करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिया जाए, ताकि उन्हें उत्पादन लागत और बाजार मूल्य के बीच का अंतर मिल सके।

महिम भारद्वाज ने बताया कि जैविक खेती से उत्पादित फसलें और सब्जियां पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक लागत पर तैयार होती हैं। ऐसे में किसानों को इन्हें महंगे दामों पर बेचना पड़ता है, लेकिन कई बार उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने सुझाव दिया कि भावांतर योजना की तर्ज पर सरकार इस अंतर की भरपाई करे, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि इससे दोहरे लाभ होंगे, एक ओर किसानों को उनकी लागत का उचित मूल्य मिल सकेगा, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को भी अपेक्षाकृत कम कीमत पर जैविक उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।

शनिवार को पत्रकारवार्ता में उन्होंने बताया कि वर्तमान में फसलों और सब्जियों में रसायनों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी को देखते हुए वे शिवपुरी जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वे बड़े गांव स्थित अपने फार्म पर जैविक तरीके से सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं और अन्य ईमानदार किसानों को भी इस पहल से जोड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर एक समूह बनाकर जैविक सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे शिवपुरी के लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

इस अभियान से जुड़े शिवपुरी ऑर्गेनिक्स के पार्टनर सुजीत भौंसले ने बताया कि जैविक सब्जियों की बिक्री के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समूह बनाए गए हैं। इसके अलावा पोहरी रोड स्थित एमएम हॉस्पिटल के पास संचालित दुकान से भी ये उत्पाद खरीदे जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा मिलने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि रासायनिक दुष्प्रभाव से भूमि की उर्वरता को भी बचाया जा सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रंजीत गुप्ता

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