वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करना युवा पीढ़ी का दायित्व है- कलेक्टर दिव्यांक सिंह
मन्दसौर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। वृद्धजन अनुभव और ज्ञान के भंडार हैं, इनका मार्गदर्शन जीवन को प्रशस्त बनाता है, यह कार्य औपचारिक न होकर निरंतर जारी रहना चाहिए, बुजुर्गों का आशीर्वाद हमें अपनी मंजिल तक पहुंचाता है और सफलता के नित नये आयाम प्रदान करता है।
उक्त विचार कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वात्सल्य धाम में आयोजित वृद्धजन सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। वृद्धजन सम्मान समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर दिव्यांक सिंह, संयुक्त कलेक्टर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा मंदसौर की मानसेवी सचिव प्रीति संघवी नाहर, समाज सेवी गोपाल पटवा मंचासीन थे। अतिथियों का स्वागत वात्सल्य धाम की अधीक्षिका प्रियंका रजोरा, प्रबंधक पुरुषोत्तम भट्ट, कृष्णा बैरागी रामप्रसाद पोरवाल,कपिल श्रीवास्तव और गोरधन लाल जी द्वारा माल्यार्पण एवं बुके भेंट कर किया गया।
सर्वप्रथम संयुक्त कलेक्टर प्रीति संघवी ने स्वागत भाषण दिया एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और वृद्ध जन सम्मान समारोह का महत्व बताया और कहा कि वृद्ध जनों का सम्मान करना हमारा सामाजिक दायित्व है और यह कार्यक्रम पूरे वर्ष भर चलता रहना चाहिए।
अपने उद्बोधन में प्रियंका राजोरा ने बताया कि यहां पर वृद्ध जनों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है और समय-समय पर समाजसेवी संस्थाएं आकर अपना बहुमूल्य योगदान देती है इसी कड़ी में डॉ. सचिन शर्मा द्वारा वात्सल्य धाम में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं तथा दीपेंद्र रघुवंशी और शेखर बाफना द्वारा वेस्टर्न टॉयलेट बनवाए गए हैं, वात्सल्य धाम में वृद्धजनों के लिए भोजन चाय नाश्ता एवं उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।
सर्वप्रथम शतायु सम्मान शंभू कुवर सिसोदिया 102 वर्ष का किया गया, बसंत कुमार बैरागी एवं लायन्स क्लब डायनामिक द्वारा वृद्ध जनों को पहनने हेतु वस्त्र भेंट किए गए। कार्यक्रम में माय भारत संस्था के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

