सिवनीः विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में उठाए जनहित के मुद्दे
सिवनी, 01 दिसंबर(हि.स.)। मध्य प्रदेश के शीतकालीन विधानसभा सत्र में सोमवार को सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सिवनी जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के विषयों को शून्यकाल के माध्यम से सदन में उठाया। इनमें पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ कराने, 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग, किसानों को खाद आपूर्ति, खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं पर कार्यवाही, कर्मचारियों के नियम विरुद्ध संलग्नीकरण तथा अजा/जजा वर्ग की महिला सरपंचों से संबंधित प्रश्न शामिल रहे।
सिवनी पॉलिटेक्निक में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने की मांगविधायक मुनमुन ने कहा कि सिवनी स्थित पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बड़ा एवं सुविधायुक्त परिसर होने के बावजूद इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं, जिससे जिले के विद्यार्थियों को इंदौर, भोपाल सहित अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सिवनी में ही इंजीनियरिंग फैकल्टी प्रारंभ की जाए, ताकि स्थानीय छात्रों को जिले में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त हो सके।
15वें वित्त आयोग की राशि उपयोग पर सरकार का जवाब
पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग की राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाती है। जनपद सदस्यों के क्षेत्रवार आबंटन का कोई अलग नियम नहीं है। जनपद पंचायत की सामान्य सभा में पारित प्रस्तावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाती है।
खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पर जवाब
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 2020-25 के बीच सिवनी जिले में पात्र परिवारों को गेहूं, चावल, शक्कर व नमक का नियमित वितरण किया गया। साथ ही जिले के आठों विकासखंडों में कुल 86,472 नए बीपीएल पात्रता पर्ची जारी की गई हैं। खाद्यान्न वितरण पात्रता अनुसार प्रतिमाह जारी है और नए बीपीएल परिवारों का चिन्हांकन भी निरंतर किया जा रहा है।
किसानों को खाद आपूर्ति से संबंधित जानकारी
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने बताया कि सिवनी विधानसभा क्षेत्र के लिए वर्ष 2026 हेतु उर्वरक की मांग फरवरी में निर्धारित की जाएगी। क्षेत्र में 15 सहकारी समितियाँ, 1 डबल लॉक केंद्र, 1 मार्केटिंग सोसायटी, 1 एमपी एग्रो एवं 271 निजी उर्वरक विक्रेता कार्यरत हैं। उपलब्धता एवं मांग के अनुसार उर्वरक वितरण किया जाता है।
कर्मचारियों के अस्थायी संलग्नीकरण पर स्पष्टीकरण
कर्मचारियों के नियम विरुद्ध संलग्नीकरण के प्रश्न पर पंचायत मंत्री ने बताया कि जिले में कर्मचारियों की कमी के कारण तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए कुछ कर्मचारियों को अस्थायी रूप से विभिन्न जनपद पंचायतों एवं कार्यालयों में पदस्थ किया गया है।इस संबंध में निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किसी कर्मचारी को वापस मूल पदस्थापना पर भेजने हेतु कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
अजा/जजा वर्ग की महिला सरपंचों की जानकारीअजा/जजा वर्ग की महिला सरपंचों के संबंध में जानकारी परिशिष्ट (पुस्तकालय अभिलेख) में प्रस्तुत की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / रवि सनोदिया

