सिवनीःपायली क्षेत्र में जैव-विविधता की बड़ी उपलब्धि, बरगी बांध बैकवॉटर में संकटग्रस्त एशियन ब्लैक-बेलीड टर्न की दुर्लभ साइटिंग

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सिवनीःपायली क्षेत्र में जैव-विविधता की बड़ी उपलब्धि, बरगी बांध बैकवॉटर में संकटग्रस्त एशियन ब्लैक-बेलीड टर्न की दुर्लभ साइटिंग


सिवनीःपायली क्षेत्र में जैव-विविधता की बड़ी उपलब्धि, बरगी बांध बैकवॉटर में संकटग्रस्त एशियन ब्लैक-बेलीड टर्न की दुर्लभ साइटिंग


दुर्लभ पक्षियों की ऐतिहासिक साइटिंग, एशियन वाटर बर्ड सेंसस में 70 से अधिक प्रजातियों की पहचान

सिवनी, 04 जनवरी(हि.स.)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पायली क्षेत्र में स्थित बरगी बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में आयोजित एशियन वाटर बर्ड सेंसस के दौरान जिले के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जैव-विविधता संबंधी उपलब्धि सामने आई है। उत्तर सिवनी वनमंडल के वनमंडलाधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह उइके ने रविवार की शाम जानकारी देते हुए बताया कि विशेषज्ञ बर्ड वॉचर्स और पक्षीविदों की सहभागिता में किए गए इस सेंसस में लगभग 70 से अधिक पक्षी प्रजातियों की पहचान रविवार 04 जनवरी 2026 को की गई।

सेंसस के दौरान IUCN रेड लिस्ट में दर्ज संकटग्रस्त (Endangered) प्रजाति “एशियन ब्लैक-बेलीड टर्न (Asian Black-bellied Tern)” की दुर्लभ साइटिंग दर्ज की गई। यह पक्षी अब तक मध्यप्रदेश में केवल मुरैना जिले में ही देखा गया था।

सिवनी जिले में इसकी पहली उपस्थिति को विशेषज्ञों ने जिले के लिए एक बड़ी जैव-विविधता उपलब्धि बताया है। इसके साथ ही पैरा ग्रीन फाल्कन जैसे दुर्लभ पक्षी की भी साइटिंग की गई, जो क्षेत्र की पारिस्थितिकी गुणवत्ता को दर्शाती है।

पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, इन दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पायली क्षेत्र का इको-सिस्टम स्वस्थ, संतुलित और समृद्ध है। विद्वानों ने संभावना जताई है कि आने वाले समय में पायली क्षेत्र बर्ड वॉचिंग के एक प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी नई दिशा मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रवि सनोदिया

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