सीहोर: मूंग खरीदी की मांग पर किसानों ने हाईवे जाम किया, भैरूंदा में 1500 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन
कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग, इंदौर-भोपाल मार्ग घंटों बाधित
सीहोर, 06 जुलाई (हि.स.)। मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और खरीदी सीमा हटाने की मांग को लेकर सोमवार को सीहोर जिले के भैरूंदा में किसानों का आंदोलन उग्र हो गया। किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में हजारों किसानों ने 1500 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ ट्रैक्टर मार्च निकाला और बाद में इंदौर-भोपाल हाईवे सहित भैरूंदा-इंदौर मार्ग पर चक्काजाम कर धरना शुरू कर दिया। इससे दोनों मार्गों पर घंटों यातायात प्रभावित रहा।
सुबह किसान बड़ी संख्या में कृषि उपज मंडी परिसर में एकत्र हुए। यहां से निकली करीब दो किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। प्रदर्शन के दौरान किसान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में सड़क पर डटे रहे। आंदोलन उस समय और तेज हो गया, जब किसानों का कहना था कि उनका ज्ञापन लेने के लिए जिला कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। किसानों ने प्रशासन के अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि वे केवल कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपेंगे। समाचार लिखे जाने तक किसान हाईवे पर धरना देकर डटे हुए थे और यातायात बाधित था।
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों ने मूंग की पूरी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदने, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने, प्रति एकड़ खरीदी सीमा हटाने तथा सभी पंजीकृत किसानों की संपूर्ण उपज खरीदने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण किसानों को अपनी पूरी उपज बेचने का अवसर नहीं मिल रहा और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यात्रियों को हुई परेशानी
हाईवे पर लंबे समय तक जाम रहने से इंदौर, भोपाल और सीहोर की ओर आने-जाने वाली बसें, निजी वाहन और अन्य यात्री वाहन फंस गए। हालांकि प्रशासन ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की कोशिश करते रहे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान स्वराज संगठन के जिला अध्यक्ष गजेंद्र जाट ने कहा कि जब तक सरकार मूंग खरीदी की वर्तमान सीमा में संशोधन कर किसानों की पूरी उपज खरीदने का निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन खरीदी संबंधी प्रतिबंधों के कारण उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

