कम बारिश और सिंचाई संकट से किसान परेशान, जीतू पटवारी ने सरकार से विशेष गिरदावरी और राहत की मांग की
भोपाल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में कम बारिश, सिंचाई और बिजली की समस्याओं को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में खरीफ फसल पर संकट की स्थिति है और इसका असर आगामी रबी सीजन पर भी पड़ सकता है। पटवारी ने सरकार से फसल क्षति का सर्वे कराने, किसानों को राहत देने और रबी सीजन के लिए सिंचाई व बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
जीतू पटवारी ने साेमवार काे अपने बयान में कहा कि किसानों को फसल, सिंचाई, बिजली और उपज के उचित दाम से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार संभावित किसान आंदोलन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर अधिक ध्यान दे रही है।
भोपाल में किसानों को रोकने की तैयारी का दावा
जीतू पटवारी ने जुलाई में हुए मूंग आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सतर्क है। उन्होंने दावा किया कि भोपाल में किसानों के संभावित आंदोलन को देखते हुए शहर के 16 प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर बैरिकेडिंग, कंटेनर और अन्य सुरक्षा इंतजामों की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को रोकने के बजाय सरकार को उनकी समस्याएं सुनने के लिए संभाग स्तर पर समाधान केंद्र स्थापित करने चाहिए। हालांकि, भोपाल में प्रस्तावित सुरक्षा इंतजामों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में नहीं की गई है।
पटवारी ने कहा कि 1 जून से 30 सितंबर 2026 के बीच प्रदेश में 908.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य वर्षा 949.5 मिमी है। उनके अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इंदौर संभाग में सामान्य औसत 952.20 मिमी के मुकाबले 639.70 मिमी बारिश दर्ज होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां बारिश में करीब 33 प्रतिशत की कमी रही। उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में फसलों के लिए पानी की समस्या पैदा हुई है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन हैं, वहां भी बिजली की उपलब्धता और नहरों से पानी की आपूर्ति को लेकर समस्याएं हैं।
नहरों और सिंचाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया
पीसीसी चीफ पटवारी ने विधानसभा रिकॉर्ड का हवाला देते हुए संजय सरोवर परियोजना की पुरानी कच्ची नहरों की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने पेंच व्यपवर्तन परियोजना में टेल एंड तक पानी पहुंचाने की निर्धारित समय-सीमा नवंबर 2027 होने का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि किसानों की जरूरत तत्काल है, इसलिए सिंचाई व्यवस्था में तेजी से सुधार किया जाना चाहिए।
उन्होंने भावांतर योजना के लिए 3 से 17 अक्टूबर तक होने वाले पंजीयन का भी उल्लेख किया और सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि योजना का लाभ वास्तविक रूप से किसानों तक पहुंचे तथा बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच अंतर की भरपाई प्रभावी ढंग से हो।
कांग्रेस ने रखीं पांच मांगें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से कम बारिश और फसल नुकसान वाले क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी कराने और पात्र किसानों को मुआवजा देने की मांग की। साथ ही सोयाबीन सहित प्रमुख फसलों के लिए घोषित एमएसपी का प्रभावी लाभ किसानों तक पहुंचाने की मांग की।
उन्होंने रबी सीजन के लिए बांधों और नहरों से पानी छोड़ने का स्पष्ट रोस्टर सार्वजनिक करने, खराब ट्रांसफार्मरों को समयसीमा में बदलने और कृषि फीडरों पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान राजधानी में प्रवेश को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों और प्रस्तावित बैरिकेडिंग व्यवस्था पर भी पुनर्विचार की मांग की।
पटवारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद और राहत के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार के सामने उनकी मांगें उठाती रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

