चित्रकूट में पहली बारिश में उजागर हुई सीवर परियोजना की खामियां, मंदाकिनी में मिल रहा दूषित पानी

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चित्रकूट में पहली बारिश में उजागर हुई सीवर परियोजना की खामियां, मंदाकिनी में मिल रहा दूषित पानी


सतना, 17 जून (हि.स.)। धार्मिक नगरी चित्रकूट में करोड़ों रुपये की लागत से संचालित सीवर परियोजना और स्वच्छता व्यवस्थाओं पर पहली ही बारिश ने सवाल खड़े कर दिए हैं। गऊघाट क्षेत्र के समीप स्थित सीवर मैनहोल के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सीधे पवित्र मंदाकिनी नदी में मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद गऊघाट के पास स्थित सीवर मैनहोल उफन पड़ा और उसमें से निकलने वाला दूषित पानी बहकर सीधे मंदाकिनी नदी में पहुंचने लगा। इससे घाट क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध फैल गई है, वहीं नदी के जल की स्वच्छता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहली ही बारिश में सीवर लाइन के चोक होने और मैनहोल के ओवरफ्लो होने की घटना परियोजना की गुणवत्ता तथा रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन दूषित पानी के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

नागरिकों का आरोप है कि जिस मंदाकिनी नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, उसी में अब सीवर का पानी प्रवाहित हो रहा है। इससे स्वच्छता संबंधी दावों और जमीनी स्थिति के बीच का अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन की तकनीकी खामियों की तत्काल जांच कराई जाए, मैनहोल ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा मंदाकिनी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि धार्मिक महत्व वाली इस नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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