मूसलाधार बारिश से सतना-मैहर बेहाल, मंदाकिनी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर; कई मार्ग बंद

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मूसलाधार बारिश से सतना-मैहर बेहाल, मंदाकिनी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर; कई मार्ग बंद


सतना, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना और मैहर जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि कई पुल, रपटे और सड़कें पानी में डूब गई हैं। सतना शहर के अलावा चित्रकूट, नागौद, मझगवां, बिरसिंहपुर और रामपुर बघेलान क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर आवागमन रोकना पड़ा है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ से दो मीटर ऊपर पहुंच गया है। प्रसिद्ध रामघाट का पूरा प्लेटफॉर्म पानी में डूब गया है। पुरानी लंका तिराहे तक पानी पहुंचने से सड़क पर नाव चलाने की स्थिति बन गई है। घाट क्षेत्र की 100 से अधिक दुकानों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। अचानक आई बाढ़ के कारण दुकानदारों को अपना सामान बचाने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है और बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

150 मिलीमीटर बारिश से सतना में जलभराव

सतना जिले में भारी बारिश के दौरान करीब 150 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बिरसिंहपुर के वार्ड क्रमांक दो और तीन में कई घरों में पानी घुस गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जलभराव की सूचना देने के बावजूद नगर परिषद के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। कोटर में भी स्थिति गंभीर रही। यहां बस स्टैंड की दुकानें, अस्पताल, नगर परिषद कार्यालय और सड़कें तक पानी में डूब गईं।

चित्रकूट के कई रास्ते बंद

मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने रामघाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है। पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है। आरोग्य धाम मार्ग पर करीब पांच फीट और भरतघाट-रामघाट रपटा पर लगभग छह फीट पानी बह रहा है। दोनों मार्गों पर आवाजाही रोक दी गई है। सती अनुसुइया मार्ग और गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं में पानी भरने के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।

पेड़ गिरने से कार क्षतिग्रस्त, कलेक्ट्रेट रोड पर जाम

सतना शहर के राजेंद्र नगर कलेक्ट्रेट रोड पर तेज बारिश के बीच अचानक पेड़ गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवारों को मामूली चोटें आईं। पेड़ सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हो गया और कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का काम शुरू किया। पेड़ हटने के बाद यातायात सामान्य हो सका।

नागौद में कई गांवों का संपर्क प्रभावित

नागौद क्षेत्र में भी बारिश के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। कोटा नंबर-एक नदी के रपटे के ऊपर करीब 12 फीट पानी बह रहा है। पाकर के पास निर्माणाधीन पुल पर भी लगभग चार फीट पानी जमा है। दोनों रास्ते बंद होने से नागौद का सेमरवारा, हड़हा, बाबूपुर, पाकर, कोटा नंबर-एक, उर्दना, वित्तौधा, पनगरा, कौशलपुर, पिपरी, आमा, भाजीखेरा और जैतवारा सहित कई गांवों से संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को अब करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

धवारी तालाब के आसपास घरों में घुसा पानी

लगातार बारिश से धवारी तालाब का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के घरों में पानी घुसने की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी पाल मौके पर पहुंचे और दैनिक श्रमिकों की टीम के साथ जल निकासी का काम शुरू कराया। निरीक्षण के दौरान जल निकासी लाइन में जमा गंदगी और अवरोध को साफ कराया गया, जिससे तालाब के अतिरिक्त पानी की निकासी सुचारु हो सके।

मझगवां में कई रास्तों पर पानी

मझगवां क्षेत्र में बकरा नाला उफान पर आने से पहाड़ीखेड़ा मार्ग प्रभावित हुआ है। मझगवां-मानिकपुर मार्ग पर भी पानी भर गया है। पिहरा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बने घरों में पानी पहुंचने की सूचना है। जिगनाहट नदी भी तेज बहाव के साथ उफान पर है।

जलभराव से नाराज ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

रामपुर बघेलान के लामीकरही गांव में बारिश का पानी घरों में घुस गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह जलभराव की स्थिति बनी थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।

पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सतना-रीवा सड़क पर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

बाकिया बराज के गेट खोले

लगातार बारिश के कारण रामपुर बघेलान स्थित बाकिया बराज का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बराज के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी बाहर निकाला गया।

मैहर के ताला-मुकुंदपुर में भी हालात बिगड़े

मैहर जिले के अमरपाटन अनुभाग के ताला और मुकुंदपुर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पानी बढ़ने के बाद कुछ परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई लोगों को छाती तक गहरे पानी से होकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना पड़ा।

घरों में पानी भरने से अनाज, घरेलू सामान और अन्य जरूरी सामग्री भी पानी में डूब गई। लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है।

प्रशासन ने राजस्व अमले को किया अलर्ट

अमरपाटन एसडीएम आरती सिंह ने राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र से जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करें। अधिकारियों को पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अमरपाटन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेदमणि मिश्रा ने सरपंच सचिन सहित ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने को कहा है। उन्होंने जलभराव अथवा किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जनपद सीईओ ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मुकुंदपुर क्षेत्र में गऊघाट पुल के ऊपर पानी बहने की सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया है। प्रशासन नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील

बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी-नालों, पुलों, रपटों और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का प्रयास न करें और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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