सतना-मैहर के 40 हजार किसानों पर बीज अनुदान का संकट, छह साल से अटका भुगतान
सतना, 7 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना और मैहर जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) से जुड़े करीब 40 हजार किसान पिछले छह वर्षों से प्रमाणित बीज पर मिलने वाले शासकीय अनुदान से वंचित हैं। इसकी मुख्य वजह सहकारी समितियों से बीज खरीदने वाले किसानों की सूची समय पर कृषि विभाग को उपलब्ध नहीं होना बताई जा रही है।
हर वर्ष रबी और खरीफ सीजन में पैक्स के माध्यम से किसानों को हजारों क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जाते हैं, लेकिन खरीदार किसानों का पूरा ब्यौरा कृषि विभाग तक नहीं पहुंचने से अनुदान भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके चलते हजारों किसानों को शासन की इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
जानकारी के अनुसार, पहले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (डीसीसीबी) के माध्यम से केसीसी खाताधारक किसानों की जानकारी कृषि विभाग को उपलब्ध कराई जाती थी, जिसके आधार पर पात्र किसानों को बीज अनुदान दिया जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण अनुदान वितरण बाधित हो गया है।
कृषि विभाग का कहना है कि अनुदान जारी करने के लिए लाभार्थियों की सूची, रिकॉर्ड का सत्यापन और पात्रता का मिलान आवश्यक होता है। खरीदारों का विवरण उपलब्ध नहीं होने से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। दूसरी ओर, कृषि विभाग से सीधे प्रमाणित बीज खरीदने वाले किसानों को निर्धारित अनुदान का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है, जबकि सहकारी समितियों से वही बीज लेने वाले किसान इससे वंचित हैं।
इस मुद्दे पर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। उप संचालक कृषि आशीष पांडे ने बताया कि सभी सहकारी समितियों से इस बार बीज भंडारण और वितरण का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

