सतनाः आवास से अतिक्रमण तक पर मंथन जरूरतमंदो को राहत पर भरोसा
सतना, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं के साथ शहर की कई अहम व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री आवास योजना में दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देने और उन्हें भूतल के आवास स्वीकृत करने, सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने तथा जरूरतमंद परिवारों की लंबित सहायता राशि और पेंशन संबंधी समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया। अधिकारियों को शिकायतों का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम मे राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, निगमायुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, डीएफओ मयंक चांदीवाल, अपर कलेक्टर विकास सिंह और एसडीएम राहुल सिलाडिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
दिव्यांगों को प्राथमिकता से भूतल मे मिले आवास
जनसुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा हुई। दिव्यांगजनों को आवास आवंटन में प्राथमिकता देने और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूतल के आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य आवास पाने वाले जरूरतमंदों को ऐसी सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें रोजमर्रा के कार्यों पर दिक्कत न हो।
सरकारी जमीनों से हटेगा अतिक्रमण
शहर में सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। रहा। ऐसे स्थलों को चिह्नित कर कार्रवाई की रणनीति बनाने और अतिक्रमण हटाने पर सख्ती बरतने की बात कही गई। साथ ही प्रभावित लोगों के व्यवस्थापन की व्यवस्था पर भी विचार किया गया, ताकि कार्रवाई के साथ पुनर्वास से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा सके।
जनसुनवाई में लाड़ली बहनों की रुकी राशि, बाधित वृद्धावस्था पेंशन और अंत्येष्टि सहायता से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का परीक्षण कर योजनाओं का लाभ सुचारु रूप से उपलब्ध कराने पर ध्यान देने को कहा गया। इस दौरान नगर निगम क्षेत्र के संबल योजना के तीन हितग्राहियों को अंत्येष्टि सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपये की राशि वितरित की गई। जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतें सुनने के साथ उनके निराकरण की जिम्मेदारी तय करना और जरूरतमंदों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

