सतनाः ग्रामीण सड़क प्राधिकरण के महाप्रबंधक के खिलाफ ठेकेदारों के धरने को मिला राजनीतिक समर्थन
सतना, 10 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना में ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरआरडीए) के महाप्रबंधक उमेश साहू के खिलाफ ठेकेदारों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
आंदोलन को उस समय नई राजनीतिक मजबूती मिली, जब नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी 'पालन' और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेंद्र प्रताप सिंह धरनास्थल पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ठेकेदारों ने दोनों जनप्रतिनिधियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
धरने को संबोधित करते हुए नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी 'पालन' ने कहा कि विकास कार्यों में ठेकेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि वे अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी ठेकेदार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। यदि किसी अधिकारी के स्तर पर मनमानी या उत्पीड़न हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। सरकार की मंशा विकास कार्यों को गति देने की है, इसलिए अधिकारियों को भी उसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह ठेकेदारों की जायज मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर भी बात करेंगे। उनका प्रयास रहेगा कि यह विवाद जल्द समाप्त हो, ताकि विकास कार्य बाधित न हों और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेंद्र प्रताप सिंह ने भी ठेकेदारों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ठेकेदार अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन करने के लिए विवश हैं तो संबंधित अधिकारियों को उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। श्री सिंह ने कहा कि विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण आवश्यक है, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों और अनावश्यक विवाद की स्थिति समाप्त हो।
उधर धरने के बीच सीजीएम संजय वर्मा पीएमजीएसवाई ऑफिस पहुंचे और आंदोलित ठेकेदारों से बातचीत की। बताया गया है कि उन्होने ठेकेदारों की बात को उच्च अधिकारियों के समक्ष ले जाने का आश्वासन दिया।
धरनास्थल पर मौजूद ठेकेदारों ने भी अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि लंबे समय से संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याएं रखी जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को धरने पर बैठे ठेकेदारों ने प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से भी मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। राज्यमंत्री ने ठेकेदारों को आश्वस्त किया था कि उनकी मांगों का परीक्षण कर शीघ्र उचित निराकरण कराया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

