सतना में पांच माह में 245 गुम और चोरी के मोबाइल बरामद, असली मालिकों को लौटाए
सतना, 12 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन वापस दिलाने के लिए पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले पांच माह में 245 मोबाइल बरामद किए गए हैं। साइबर सेल और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त कार्रवाई में मिले इन मोबाइल फोन को सोमवार को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जताते हुए पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गौरव पांडेय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल और विभिन्न थानों की टीमों ने मोबाइल गुम होने तथा चोरी होने से संबंधित शिकायतों पर तकनीकी माध्यमों से काम किया। संबंधित पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन सहित अन्य जानकारियां जुटाई गईं। इसके आधार पर अलग-अलग स्थानों पर इस्तेमाल हो रहे मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया।
मोबाइल लौटाने के साथ साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक
मोबाइल फोन वितरण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे, डीएसपी मुख्यालय मनोज दीक्षित और साइबर सेल की टीम ने मौजूद नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके भी बताए। लोगों को सलाह दी गई कि वे अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के साथ अपना ओटीपी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देनी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कई गुम और चोरी के मोबाइल अब भी नहीं मिले
जिले में 245 मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जाने के बावजूद गुम और चोरी हुए कई मोबाइल फोन का पता अब तक नहीं चल सका है। बताया गया है कि इन मामलों की शिकायत साइबर पुलिस तक पहुंचने के बाद भी कुछ मोबाइल बरामद नहीं हो पाए हैं। ऐसे में उन लोगों को अभी अपने मोबाइल वापस मिलने का इंतजार है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने पर तत्काल संबंधित थाने में सूचना दें। साथ ही निर्धारित पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं, ताकि उसके दुरुपयोग की आशंका कम की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

