करोड़ों की आय के बावजूद बदहाल गुप्त गोदावरी, सड़क पर पार्किंग और जर्जर पर्यटन भवन से श्रद्धालु परेशान
सतना, 22 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल चित्रकूट स्थित गुप्त गोदावरी में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। श्रद्धालुओं से होने वाली आय के बावजूद यहां पार्किंग, यातायात, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। हालत यह है कि बसों, चार पहिया वाहनों और ऑटो के लिए निर्धारित पार्किंग नहीं होने से सड़कें ही पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई हैं।
गुप्त गोदावरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। इसके अलावा वाहन खड़ा करने और बैठने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इसका असर स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आवागमन पर भी पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं की कतार के बीच परिसर में तखतों का कब्जा
गुप्त गोदावरी परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच उपलब्ध स्थान के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, परिसर के ग्राउंड में करीब दो वर्षों से जगह-जगह तखत रखे हुए हैं। इससे श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध स्थान कम हो रहा है। लोगों का सवाल है कि जिस परिसर को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थित किया जाना चाहिए, वहां लंबे समय से इस तरह की स्थिति क्यों बनी हुई है।
पार्किंग के अभाव में सड़क पर खड़े हो रहे वाहन
गुप्त गोदावरी में बसों और चार पहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण सैकड़ों वाहन सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। ऑटो के लिए भी व्यवस्थित पार्किंग नहीं होने से सड़क पर ही वाहन खड़े रहते हैं। इससे यातायात प्रभावित होता है और कई बार लंबा जाम लग जाता है।
गुप्त गोदावरी से करीब 300 मीटर पहले टेढ़ी तिराहा है। इस मार्ग से आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का नियमित आवागमन होता है। सड़क पर श्रद्धालुओं के वाहन खड़े रहने से स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, कलेक्टर और सांसद को कई बार लिखित ज्ञापन और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
तीन माह से टूटा बैरिकेडिंग गेट
गुप्त गोदावरी परिसर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी लापरवाही सामने आ रही है। यहां बैरिकेडिंग का गेट करीब तीन माह से टूटा पड़ा है। इसकी मरम्मत नहीं होने से वाहन सीधे परिसर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होती है और कई बार जाम की स्थिति भी बनती है।
टूटे बैरिकेडिंग के पाइप का एक हिस्सा नुकीला हो गया है, जिससे वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से इसकी तत्काल मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है।
78 लाख रुपये से बना पर्यटन भवन हो रहा जर्जर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब दस वर्ष पहले लगभग 78 लाख रुपये की लागत से पर्यटन भवन का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था। लेकिन देखरेख के अभाव में भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
भवन के कमरों की हालत बदहाल है और कई शौचालय टूटे पड़े हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन का प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सरकारी धन से तैयार की गई इस सुविधा के रखरखाव और उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुप्त गोदावरी में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पार्किंग, यातायात, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल से होने वाली आय का एक हिस्सा श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी खर्च होना चाहिए।
अब सवाल यह है कि गुप्त गोदावरी को केवल राजस्व अर्जित करने वाले स्थल के रूप में देखा जाएगा या यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और नगर परिषद से व्यवस्थाओं में सुधार की अपेक्षा की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

