जंगली सुअर के लिए बिछाए करंट वाले तार ने ली बाघ की जान, दो महीने बाद हुआ खुलासा

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जंगली सुअर के लिए बिछाए करंट वाले तार ने ली बाघ की जान, दो महीने बाद हुआ खुलासा


सतना, 3 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र में बाघ की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब दो महीने पहले जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से एक बाघ की मौत हो गई थी। घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने बाघ के शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया, लेकिन मुखबिर की सूचना के बाद वन विभाग ने मामले का खुलासा कर दिया।

वन विभाग के अनुसार, पांच-छह दिन पहले सूचना मिली थी कि मझगवां क्षेत्र में बाघ का शिकार कर उसके शव को ठिकाने लगा दिया गया है। सूचना की पुष्टि के बाद 2 जुलाई को डॉग स्क्वॉड, उड़नदस्ता दल और वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि लगातार बारिश और घने लैंटाना जंगल के कारण पहले दिन कोई सफलता नहीं मिली।

इसी दौरान मुखबिर ने मामले में वन विभाग के एक स्थानीय चौकीदार की संलिप्तता की जानकारी दी। इसके बाद 3 जुलाई को दो चौकीदारों से पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि करीब दो महीने पहले जंगली सुअर के शिकार के लिए बिजली का तार बिछाया गया था, जिसकी चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। घटना के बाद शव को जंगल के भीतर गड्ढा खोदकर दफना दिया गया ताकि मामला सामने न आए।

आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग को वह स्थान भी मिला, जहां बाघ के शव को दफनाया गया था। विभाग ने मामले की जांच तेज कर दी है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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