चित्रकूट दीपावली मेले की तैयारियों पर मंथन, यूपी-एमपी के अधिकारियों ने बनाई समन्वय की रणनीति
सतना, 15 अक्टूबर (हि.स.)। धर्मनगरी चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेले के आयोजन को लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा की। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सभागार में गुरुवार को हुई बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन, यातायात प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। मेले में हर साल लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने के मद्देनजर दोनों राज्यों के विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में चित्रकूट, उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. और सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा मठ-मंदिरों से जुड़े साधु-संतों ने भी इसमें सहभागिता की।
बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श हुआ। भीड़ प्रबंधन, यातायात को सुचारु बनाए रखने, सुरक्षा इंतजाम, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों के बीच तालमेल बढ़ाकर मेला क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की जरूरत भी बताई गई।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र में दीपावली मेले का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में आयोजित होने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दोनों राज्यों के प्रशासन की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। बैठक का उद्देश्य तैयारियों को गति देना और श्रद्धालुओं के आवागमन से लेकर सुरक्षा तक की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना रहा।
बैठक में सांसद गणेश सिंह, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल, चित्रकूट विकास प्राधिकरण अध्यक्ष विजय यादव, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, अपर कलेक्टर चित्रकूट डॉ. कंचन और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सपना त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और संत-महात्मा उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

