चित्रकूट में दीपावली मेले से पहले मंदाकिनी के घाटों पर गंदगी, व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी

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चित्रकूट में दीपावली मेले से पहले मंदाकिनी के घाटों पर गंदगी, व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी


चित्रकूट में दीपावली मेले से पहले मंदाकिनी के घाटों पर गंदगी, व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी


सतना, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में दीपावली मेले से पहले व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक सप्ताह बाद शुरू होने वाले राष्ट्रीय दीपावली मेले में देशभर से 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसके बावजूद मंदाकिनी गंगा के तटों पर गंदगी और अव्यवस्था को लेकर संत-महात्माओं तथा स्थानीय लोगों में नाराजगी है। हाल ही में रीवा संभाग के कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह ने मेला व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नगर पंचायत की ओर से घाटों की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

पशु मेले के स्थल पर भी बदहाल स्थिति

चित्रकूट के उतारा बाजार स्थित मंदाकिनी गंगा के तट पर पिछले 80 वर्षों से दीपावली के अवसर पर राष्ट्रीय पशु मेले का आयोजन होता आ रहा है। इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से गधे, घोड़े और खच्चरों के खरीदार तथा विक्रेता पहुंचते हैं। यहां हर साल करोड़ों रुपये का कारोबार होने का दावा किया जाता है। हालांकि, वर्तमान में मेले के आयोजन स्थल की स्थिति खराब बताई जा रही है। आरोप है कि प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्वच्छता अभियान के नाम पर खर्च होने वाले नगर पंचायत के बजट और सफाई व्यवस्था की निगरानी की जरूरत है। मस्टर रोल पर दर्ज श्रमिकों की वास्तविक कार्यप्रणाली तथा सफाई के लिए किए जा रहे खर्च को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

करोड़ों की लागत से बने दीपोत्सव घाट पर गंदगी

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित उतारा बाजार में इसी वर्ष करोड़ों रुपये की लागत से दीपोत्सव महापर्व के आयोजन के लिए नया घाट बनाया गया है। लेकिन घाट पर गंदगी और मिट्टी के ढेर लगे होने से इसकी उपयोगिता और रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपावली मेले से पहले घाटों की सफाई और आसपास की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

गुप्त गोदावरी की बंद गुफाओं के लिए सूचना बोर्ड लगाने की मांग

तुगारण्य पर्वत स्थित गुप्त गोदावरी की दोनों प्राकृतिक गुफाओं को बारिश के दौरान चट्टानों के क्षरण के बाद सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। स्थानीय समाजसेवियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। हालांकि, उनका कहना है कि चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को गुफाओं के बंद होने की जानकारी पहले से मिलनी चाहिए।

समाजसेवियों ने चित्रकूट के प्रमुख चौराहों और गुप्त गोदावरी मार्ग पर सूचना बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि श्रद्धालु अनावश्यक रूप से वहां पहुंचकर परेशान न हों।

गुफाएं बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं को ले जाने के आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाएं बंद होने के बावजूद कुछ ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालक श्रद्धालुओं को वहां ले जा रहे हैं। आरोप है कि उन्हें गुफाओं के बंद होने की जानकारी नहीं दी जाती और वहां पहुंचने पर मनमाना किराया वसूला जाता है। ऐसी घटनाओं से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और चित्रकूट की छवि भी प्रभावित हो रही है।

पुलिस चौकी खोलने की मांग, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों हनुमान धारा, पंचमुखी हनुमान धारा, कोट तीर्थ, देवांगन, बांके सिद्ध और पंपापुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा नयागांव, केउटरा, लोसरिहा, खटिकाना, पोखरवार, क्षीर पुरुआ और ऊधौ परुवा सहित आसपास के क्षेत्रों की करीब 10 हजार की आबादी की सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।

जनता ने जिला प्रशासन से नयागांव थाने के पुराने भवन में पुलिस चौकी खोलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

अवैध शराब और गांजे की बिक्री से बढ़ रही चिंता

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हनुमान धारा पुल ढहने के बाद कुम्हारन मोहल्ला, खटिकाना मोहल्ला, प्रिया दास मंदिर, बनदेवी मंदिर, हनुमान धारा, केउटरा, लोसरिहा, एमपीटी तिराहा, उतारा बाजार पुल, प्रमोदवन और मोहकमगढ़ पुल के आसपास कुछ स्थानों पर अवैध शराब और गांजे की बिक्री हो रही है। इससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी है।

हनुमान धारा से कर्बी बाईपास की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त की कमी का मुद्दा भी उठाया गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दीपावली मेले से पहले सफाई, यातायात, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

Livevns.news Desk
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