सतना केंद्रीय जेल के कारखाने में गूंजे विश्वकर्मा पूजन के मंत्र, मशीनों और औजारों की हुई पूजा
सतना, 17 सितंबर (हि.स.)। भगवान विश्वकर्मा के प्रकटोत्सव के अवसर पर सतना के केंद्रीय जेल परिसर स्थित कारखाने में गुरुवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन किया गया। जेल अधीक्षक लीना कोष्टा की मौजूदगी में जेल स्टाफ ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया। इसके साथ ही कारखाने में उपयोग होने वाली मशीनों, औजारों और अन्य सहायक सामग्रियों की भी विधिवत पूजा की गई।
केंद्रीय जेल सतना के कारखाने में बंदियों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य बंदियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें भविष्य में स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को उनके काम के अनुसार पारिश्रमिक भी दिया जाता है।
जेल कारखाने में बढ़ई का काम, सिलाई, कपड़ा बुनाई, स्क्रीन प्रिंटिंग और मूर्तिकला सहित विभिन्न उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बंदियों को रोजगारपरक कौशल सिखाया जाता है, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे अपनी आजीविका के लिए इन हुनरों का उपयोग कर सकें।
विश्वकर्मा प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित पूजन कार्यक्रम में जेल कारखाने से जुड़े बंदियों ने भी भाग लिया। पूजा-अर्चना के दौरान कारखाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और मशीनों को व्यवस्थित रूप से रखा गया और उनका पूजन किया गया।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक लीना कोष्टा, जेल उपाधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, जेल उपाधीक्षक सोनवीर सिंह कुशवाह, कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा सिंह, सहायक जेल अधीक्षक अनिल प्रताप सिंह, मुख्य प्रहरी चंद्रिका प्रसाद विश्वकर्मा सहित जेल कारखाने के बंदीगण मौजूद रहे।
एमपीईबी पावर हाउस में भी हुआ विश्वकर्मा पूजन
इधर, सतना के प्रेम नगर स्थित एमपीईबी पावर हाउस की मीटर परीक्षण प्रयोगशाला में भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि-विधान से की गई। विश्वकर्मा प्रकटोत्सव के अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना कर कार्यस्थल पर उपयोग होने वाले उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
इस अवसर पर जेई प्रतिभा सिंह, कमलेश प्रसाद मिश्रा, वरिष्ठ परीक्षण सहायक सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद सभी ने भगवान विश्वकर्मा से कार्यस्थल पर सुरक्षा, कुशलता और समृद्धि की कामना की।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

