सागर की सारा पांडे ने रचा इतिहास: NCC यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए चयन, रूस में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

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सागर की सारा पांडे ने रचा इतिहास: NCC यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए चयन, रूस में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व


सागर, 30 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले और डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम एक बड़ी और गर्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय की प्रतिभाशाली एनसीसी कैडेट सारा पांडे का चयन प्रतिष्ठित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (YEP) 2026 के लिए हुआ है। इस चयन के साथ ही सारा अब रूस में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तिरंगे का मान बढ़ाएंगी।

इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एनसीसी डायरेक्ट्रेट से सारा पांडे एकमात्र महिला कैडेट (SW) हैं, जिन्हें इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए चुना गया है। यह चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।

दरअसल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन और बहुस्तरीय होती है। इसमें शारीरिक दक्षता, अनुशासन, सामान्य ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व परीक्षण के कई चरण शामिल होते हैं। सारा ने अपनी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के दम पर इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार किया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

सारा की सफलता के पीछे एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी भी जुड़ी है। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और उन्होंने एनसीसी को केवल एक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि एक सपना पूरा करने के माध्यम के रूप में चुना। सारा ने बताया, “मेरी मां खुद एक एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं, लेकिन कुछ कारणों से उनका सपना अधूरा रह गया था। मैंने एनसीसी इसलिए जॉइन की ताकि मैं अपनी मां के उस अधूरे सपने को पूरा कर सकूं।” यह भावनात्मक जुड़ाव ही उनकी मेहनत और दृढ़ता का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत बना।

यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (YEP) राष्ट्रीय कैडेट कोर का एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके तहत चयनित कैडेट्स को मित्र देशों में भेजा जाता है, जहां वे वहां की संस्कृति, परंपराओं और सैन्य प्रशिक्षण को करीब से समझते हैं। साथ ही यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी समझ, सहयोग और शांति को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मंच पर कैडेट्स को भारत की सॉफ्ट पावर, अनुशासन और संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

सारा पांडे की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति, एनसीसी अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उनके चयन से पूरे विश्वविद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। विश्वविद्यालय के कुलपति का कहना है कि सारा की यह सफलता बुंदेलखंड की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सारा पांडे अब न केवल अपने परिवार और विश्वविद्यालय का, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाने जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

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