दतिया : साधु-संतों ने लगाया भाजपा पार्षदों पर भूमि अतिक्रमण का आरोप

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दतिया : साधु-संतों ने लगाया भाजपा पार्षदों पर भूमि अतिक्रमण का आरोप


दतिया, 3 जनवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के दतिया शहर के वार्ड क्रमांक-12 में शासकीय एवं आश्रम की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों ने भाजपा के कुछ पार्षदों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राचीन मंदिरों और आश्रम भूमि से जुड़ा मामला

ज्ञापन में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान शंकर जी सहित अन्य देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर शासकीय भूमि पर बनाए गए थे। साधु-संतों का कहना है कि इन मंदिरों का निर्माण तत्कालीन पटवारी द्वारा कराया गया था और वर्षों से यहां नियमित रूप से पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां संचालित होती आ रही हैं।

सेवा-पूजा और गोवंश संरक्षण का दावा

साधु-संतों का कहना है कि आश्रम परिसर में लंबे समय से सेवा-पूजा के साथ-साथ बेसहारा गोवंश का संरक्षण भी किया जा रहा है। इसके बावजूद आश्रम से लगी शासकीय भूमि पर कथित तौर पर जेसीबी मशीन चलाकर जमीन समतल की जा रही है और अवैध रूप से प्लॉट काटे जाने के आरोप लगाए गए हैं।

आश्रम की बाड़ तोड़ने और धमकी देने का आरोप

संतों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आश्रम की बाड़ तोड़ी गई और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि कथित आरोपी सत्ता का हवाला देकर डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि वे चुप रहें।

कलेक्टर बंगले पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

शनिवार को साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर बंगले पहुंचा और पूरे मामले से प्रशासन को अवगत कराते हुए लिखित शिकायत सौंपी। ज्ञापन में शासकीय व आश्रम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आश्रम व गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन

प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

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