सागर की 8 ट्रांसमिशन लाइनों ने बनाया नया कीर्तिमान, 1500 दिनों से बिना ब्रेकडाउन जारी है बिजली पारेषण

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सागर की 8 ट्रांसमिशन लाइनों ने बनाया नया कीर्तिमान, 1500 दिनों से बिना ब्रेकडाउन जारी है बिजली पारेषण


भोपाल, 08 अगस्त (हि.स.) । मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की सागर स्थित 8 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों ने विश्वसनीय विद्युत पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया है। इन लाइनों पर पिछले लगभग चार वर्षों अर्थात करीब 1500 दिनों से एक भी ब्रेकडाउन दर्ज नहीं हुआ है। विशेष बात यह है कि इनमें कुछ ऐसी महत्वपूर्ण लाइनें भी शामिल हैं, जो लंबे समय से प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था का आधार बनी हुई हैं और आज भी निर्बाध रूप से विद्युत पारेषण कर रही हैं।

प्रदेश की 593 लाइनों ने भी बनाया रिकार्ड

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को बताया कि सागर की इन 8 ट्रांसमिशन लाइनों सहित प्रदेशभर में एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी ट्रांसमिशन लाइनें भी विगत चार वर्षों से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा अनुरक्षण कार्य में लगे आउटसोर्स कर्मियों की सतत निगरानी, तकनीकी दक्षता और समर्पण का परिणाम है।

इन लाइनों ने हासिल की उपलब्धि

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सागर क्षेत्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली लाइनों में 400 केवी सागर-बीना (पावरग्रिड) लाइन, 400 केवी सागर-सतना (पावरग्रिड) लाइन, 132 केवी सागर-गौरझामर के दो सर्किट, 132 केवी सागर-राहतगढ़ लाइन, 132 केवी सागर-बंडा लाइन तथा 132 केवी सागर इंटरकनेक्टर के दो सर्किट शामिल हैं। इन सभी ट्रांसमिशन लाइनों ने पिछले लगभग 1500 दिनों से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक विद्युत पारेषण कर विश्वसनीयता का नया मानक स्थापित किया है।

आधुनिक मेंटेनेंस तकनीक से मिली सफलता

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए थर्मो-विजन निरीक्षण, ड्रोन सर्विलांस, एससीएडीए आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग, ऑनलाइन कंडीशन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निवारक अनुरक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही नियमित लाइन पेट्रोलिंग, प्री-मानसून मेंटेनेंस, लाइन कॉरिडोर प्रबंधन तथा पेड़ों की कटाई-छंटाई जैसे कार्यों से संभावित तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मैदानी स्तर पर सतत निगरानी के समन्वय से प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम सागर की इन ट्रांसमिशन लाइनों के रिकॉर्ड प्रदर्शन के रूप में सामने आया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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