सागर में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन, पुलिस ने वाटर कैनन से रोका
सागर, 25 अगस्त (हि.स.)। छात्र हितों से जुड़ी मांगों और कॉलेजों में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर मंगलवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के सागर में प्रदर्शन किया। कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने आगे बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कालीचरण चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
एनएसयूआई कार्यकर्ता सिविल लाइन क्षेत्र में एकत्रित हुए थे। यहां से वे अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था के तहत कालीचरण चौराहे पर बैरिकेड लगा दिए थे। प्रदर्शनकारी बैरिकेड के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और उसे हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल ने जल तोप का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कार्यकर्ता पीछे हटे।
कई वर्षों से चुनाव कराने की मांग : चौकसे
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन लंबे समय से महाविद्यालयों में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने से बच रही है।
चौकसे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्र संघ चुनाव के मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने उच्च न्यायालय का भी रुख किया था। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय की ओर से शासन को सितंबर के पहले सप्ताह में चुनाव कराने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
एनएसयूआई नेताओं ने आशंका जताई कि सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने के बजाय अप्रत्यक्ष अथवा मनोनयन की व्यवस्था अपना सकती है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा और प्रत्यक्ष चुनाव की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए थे। वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट गए और मौके पर स्थिति नियंत्रण में आ गई।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

