शासकीय ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति पर जोर, डीएलसीसी बैठक में हुई समीक्षा

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शासकीय ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति पर जोर, डीएलसीसी बैठक में हुई समीक्षा


सागर, 10 जून (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के सागर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विवेक केवी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की तिमाही बैठक बुधवार को आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शासकीय ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति तथा पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान विभिन्न बैंकिंग संस्थानों और विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक भोपाल के एलडीओ संजय सेजकर, अग्रणी जिला प्रबंधक सहेन्द्र पाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

सीईओ विवेक केवी ने सभी जिला समन्वयकों की डीसीसी बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठकों में अनावश्यक अनुपस्थिति पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिले के साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) की समीक्षा के दौरान कुछ बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षा से कम पाया गया। इस पर संबंधित बैंकों को सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने तथा अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि सागर जिला लगातार ए-ग्रेड श्रेणी में बना हुआ है। इस उपलब्धि पर बैंकिंग संस्थाओं एवं विभागों की सराहना करते हुए लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की समीक्षा के दौरान स्वीकृत प्रकरणों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं कृषि विभाग की योजनाओं में बेहतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया और किसानों को ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने में विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।

पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विभिन्न पशुधन एवं डेयरी योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रकरण बैंकों को भेजे गए हैं तथा बड़ी संख्या में आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। शेष लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए।

आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना तथा अन्य स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों की बैंक लिंकिंग की उपलब्धि भी सामने आई। जिले ने इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। सीईओ ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम हैं और इनके प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री उद्यम क्रांति योजना सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को लंबित मामलों की शाखावार जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की समीक्षा के दौरान संस्थान द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने तथा प्रशिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने की जानकारी दी गई। बैठक में आरसेटी के कार्यों की सराहना करते हुए प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार स्थापना की प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया।

बैठक के अंत में सीईओ विवेक केवी ने सभी बैंकों और विभागों को निर्देशित किया कि शासकीय ऋण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि जिले के समग्र विकास को गति मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

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