मऊगंज में छात्रावास घोटाला: निलंबित वार्डन पर 89 लाख की अनियमितता, ईओडब्ल्यू करेगी जांच

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मऊगंज में छात्रावास घोटाला: निलंबित वार्डन पर 89 लाख की अनियमितता, ईओडब्ल्यू करेगी जांच


रीवा/मऊगंज, 07 मार्च (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के मऊगंज जिले के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छात्रावास में आर्थिक अनियमितताओं के मामले में निलंबित वार्डन के खिलाफ अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जांच करेगा। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने इस संबंध में ईओडब्ल्यू को पत्र लिखकर विधिसंगत जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार छात्रावास की तत्कालीन अधिक्षिका श्रीमती शकुंतला नीरत को छात्रावास में अनियमितताओं के आरोपों के चलते 22 जनवरी को निलंबित किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय दल गठित किया गया था। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में छात्रावास संचालन में 89 लाख 61 हजार 607 रुपये की आर्थिक अनियमितता पाई है।

जांच में सामने आया कि भंडार सामग्री की खरीद के लिए नियमानुसार निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके कारण प्रतिस्पर्धी दरें प्राप्त नहीं हो सकीं और शासकीय धन को नुकसान पहुंचा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रभारी अधिकारी ने वार्डन के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ कर दी है और मामले को आगे की कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को भेज दिया गया है।

समर्थन में हुआ था प्रदर्शन

बताया जा रहा है कि निलंबन के बाद वार्डन के समर्थन में कुछ संगठनों और नेताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान कलेक्टर और कलेक्ट्रेट कर्मचारियों पर भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। कई दिनों तक चले इस विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन को कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को भी हटाना पड़ा था।

हालांकि विरोध प्रदर्शन के बावजूद जांच प्रक्रिया जारी रही और जांच टीम ने वार्डन के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की। बताया गया है कि संबंधित वार्डन लंबे समय से छात्रावास में पदस्थ थी और उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आती रही थीं, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। नया जिला बनने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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