मातृशक्ति के स्नेह से सराबोर हुआ संघ शिक्षा वर्ग का मातृहस्त भोजन कार्यक्रम

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मातृशक्ति के स्नेह से सराबोर हुआ संघ शिक्षा वर्ग का मातृहस्त भोजन कार्यक्रम


शिवपुरी, 30 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी) प्रथम वर्ष के अंतर्गत शुक्रवार को शिवपुरी के फतेहपुर रोड स्थित सरस्वती विद्यापीठ परिसर में आयोजित मातृहस्त भोजन कार्यक्रम आत्मीयता, संस्कार और सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में नगर के 268 परिवारों की मातृशक्ति ने सहभागिता करते हुए 450 शिक्षार्थियों के लिए अपने हाथों से तैयार भोजन लेकर पहुंचीं और उनके साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर पारिवारिक वातावरण, स्नेह और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से ओतप्रोत दिखाई दिया। माताओं ने घरों से विभिन्न प्रकार के व्यंजन, भोजन सामग्री और आवश्यक बर्तन लाकर शिक्षार्थियों को प्रेमपूर्वक भोजन परोसा। इस अवसर पर शिक्षार्थियों को घर जैसा अपनापन और मातृस्नेह का अनुभव हुआ।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित क्षेत्र प्रचारक प्रमुख शिवराम समदरिया ने अपने उद्बोधन में संत शिरोमणि संत रविदास के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता, सेवा और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था केवल रिश्तों का ताना-बाना नहीं, बल्कि संस्कारों और जीवन मूल्यों की आधारशिला है, जहां से व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होती है।

उन्होंने कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सशक्त, जागरूक और संस्कारित परिवार ही मजबूत समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बनते हैं। साथ ही उन्होंने प्रत्येक परिवार से वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

मातृहस्त भोजन कार्यक्रम ने पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षार्थियों, परिवारों और संघ कार्यकर्ताओं ने इसे आत्मीयता एवं संस्कारों से जुड़ा एक विशेष अनुभव बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा

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