शताब्दी वर्ष में मालवा प्रांत में संघ का व्यापक विस्तार, 100% गांव-मोहल्लों तक पहुंच, 90% घरों से संपर्क

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शताब्दी वर्ष में मालवा प्रांत में संघ का व्यापक विस्तार, 100% गांव-मोहल्लों तक पहुंच, 90% घरों से संपर्क


भोपाल, 17 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में मालवा प्रांत ने संगठन विस्तार और समाज संपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रांत के सभी गांवों और मोहल्लों तक पहुंच बनाने के साथ लगभग 90 प्रतिशत घरों में संपर्क स्थापित कर संघ ने सामाजिक सहभागिता का नया आयाम प्रस्तुत किया है। यह जानकारी मालवा प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री ने पत्रकार वार्ता में दौरान दी।

वे मंगलवार को शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, संगठनात्मक विस्तार और आगामी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा साझा कर रहे थे । मालवा प्रांत में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में डॉ. प्रकाश शास्त्री ने बताया कि हरियाणा के पानीपत के निकट समालखा में 13 से 15 मार्च के बीच आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक में देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में संघ के कार्य विस्तार, कार्य की दृढ़ता और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

उन्होंने बताया कि मालवा प्रांत में वर्तमान में 3,292 स्थानों पर कुल 5,049 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें 527 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखाएं शामिल हैं। इस वर्ष 150 विद्यार्थी शाखाओं की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही 1961 साप्ताहिक मिलन नियमित रूप से चल रहे हैं। सेवा कार्यों के क्षेत्र में भी प्रांत आगे है, जहां 672 सेवा कार्य युक्त और 299 शाखा युक्त सेवा बस्तियां सक्रिय हैं।

गृह संपर्क अभियान में ऐतिहासिक उपलब्धि

शास्त्री ने बताया कि शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चलाए गए व्यापक गृह संपर्क अभियान के माध्यम से मालवा प्रांत के सभी 12,246 गांवों और शत-प्रतिशत मोहल्लों तक कार्यकर्ता पहुंचे। लगभग 82 हजार स्वयंसेवकों की टोलियों ने 32 लाख से अधिक परिवारों से संपर्क स्थापित किया। नगरीय क्षेत्रों में संघ की 100 वर्ष की यात्रा से संबंधित साहित्य वितरित किया गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्र और पत्रक बांटे गए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल संपर्क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में जागरूकता और सहभागिता का माध्यम बना। इस दौरान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी इंदौर में गृह संपर्क अभियान में शामिल हुए।

देशभर में संघ कार्य का विस्तार

राष्ट्रीय स्तर पर संघ कार्य के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि देश के 924 जिलों के 6602 खंडों में से 6127 खंड शाखायुक्त हो चुके हैं। वर्तमान में 55,683 स्थानों पर 88,949 शाखाएं संचालित हैं। इसके अलावा 32,606 साप्ताहिक मिलन और 13,211 संघ मंडलियां भी सक्रिय हैं। देशभर में 38,081 सेवा बस्तियों में से 9,576 शाखा युक्त सेवा बस्तियां हैं, जो सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्यों में लगी हुई हैं।

प्रशिक्षण और कार्यकर्ता विकास पर जोर

संघ के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को लेकर भी व्यापक गतिविधियां संचालित की गईं। देशभर में 919 प्राथमिक वर्गों में 40,392 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जबकि 105 संघ शिक्षा वर्गों में 21,526 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। मालवा प्रांत में 25 प्राथमिक वर्गों में 1712 स्वयंसेवक शामिल हुए और 551 कार्यकर्ताओं ने उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।

हिंदू सम्मेलनों से सामाजिक जागरण

शताब्दी वर्ष में आयोजित हिंदू सम्मेलनों को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। देशभर में 37,048 स्थानों पर आयोजित इन सम्मेलनों में साढ़े तीन करोड़ लोग शामिल हुए। मालवा प्रांत में 1355 मंडलों और 940 बस्तियों में आयोजित सम्मेलनों में 70 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही। इन सम्मेलनों के पूर्व प्रभात फेरियां, महिलाओं की बैठकें, मोहल्ला संवाद, कलश यात्राएं और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक वातावरण तैयार किया गया।

सामाजिक सद्भाव और प्रमुखजन संवाद

समाज में समरसता और सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से मालवा प्रांत में 181 सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 10,840 समाज प्रमुख शामिल हुए। इसके साथ ही आगामी अप्रैल माह में 135 प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन प्रस्तावित है, जिनमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रभावी व्यक्तियों से संवाद किया जाएगा।

युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी

युवा कार्यक्रमों के माध्यम से भी संघ ने नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास किया है। मालवा प्रांत में 311 परिसर व्याख्यान, 179 युवा संगम सहित विभिन्न कार्यक्रमों में 1.88 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। युवा महोत्सव, युवा संसद और यंग थिंकर्स कॉन्फ्लुएंस जैसे आयोजनों ने युवाओं में नेतृत्व और राष्ट्र बोध को सशक्त किया।

विजयादशमी उत्सव में व्यापक सहभागिता

शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विजयादशमी उत्सव में देशभर में 62,555 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 32 लाख से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। मालवा प्रांत में 1489 स्थानों पर आयोजित उत्सवों में 4 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।

भौगोलिक संरचना में परिवर्तन

डॉ. शास्त्री ने बताया कि संगठन के विस्तार को देखते हुए संघ की भौगोलिक संरचना में भी बदलाव किया गया है। अब नई व्यवस्था लागू होगी, जिसमें देशभर में 9 क्षेत्र और 85 संभाग होंगे। मालवा प्रांत को विभाजित कर उज्जैन और इंदौर संभाग बनाए जाएंगे।

संत रविदास जयंती वर्ष का आयोजन

प्रतिनिधि सभा में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष को विशेष रूप से मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक समरसता, भक्ति और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस दौरान ये भी बताया कि संघ के स्वयंसेवक देशभर में नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पंजाब, कर्नाटक, केरल और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में चल रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।

डॉ. प्रकाश शास्त्री ने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज की सज्जन शक्ति को संगठित कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों से प्राप्त उत्साह और समाज के सहयोग से यह लक्ष्य और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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