राजगढ़ः 92 कंपनियों ने किए 10 हजार 112 बच्चे चयनित,सीएम ने किया वर्चुअल संबोधन

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राजगढ़ः 92 कंपनियों ने किए 10 हजार 112 बच्चे चयनित,सीएम ने किया वर्चुअल संबोधन


- स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर सारंगपुर में युवा संगम रोजगार मेला

- एक ही दिन में 10 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार का अवसर

राजगढ़,12 जनवरी (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के पावन अवसर पर सोमवार को सारंगपुर में भव्य युवा संगम रोजगार मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन युवाओं को स्वावलंबी बनाने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सशक्त दिशा देने की सोच के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने सीहोर, शाजापुर, गुना एवं आगर-मालवा में आयोजित इस युवा संगम रोजगार मेले के लिए आयोजकों और युवाओं को बधाई दी तथा स्वामी विवेकानंद को नमन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस रोजगार मेले में 125 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिनके माध्यम से 16 हजार से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि नौकरी केवल एक नियुक्ति पत्र नहीं होती, बल्कि यह हर युवा का सपना होती है। सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा सक्षम बनाना है कि वे भविष्य में स्वयं रोजगार देने वाले बन सकें। उन्होंने कहा कि यह रोजगार मेला स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त और सार्थक प्रयास है।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रोजगार मेले के दौरान विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन दिया गया, युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया तथा दिव्यांगजनों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को जोड़ने और उन्हें रोजगार से जोड़ने का निरंतर और संगठित कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित होती है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने अब तक एक लाख 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस प्रकार के बड़े और व्यवस्थित रोजगार मेलों का आयोजन नहीं होता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस दिशा में ठोस पहल की है।

डॉ. सोलंकी ने आईटीआई और कौशल विकास संस्थानों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ये संस्थान युवाओं के जीवन को दिशा देने और उनके हुनर को निखारने का कार्य करते हैं। स्वामी विवेकानंद के विचारों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि युवा को तब तक चलते रहना चाहिए, जब तक वह अपनी मंजिल प्राप्त न कर ले। यही संदेश आज के युवाओं के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक है।

इस अवसर पर राज्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर के इस रोजगार मेले में बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल हुई हैं, जिनके माध्यम से लगभग 5 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को कौशल विकास के अवसर मिलते हैं, तो विकास के नए आयाम खुलते हैं। आज के समय में कौशल और हुनर को आजीविका से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

युवा संगम कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार मूलक योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को मंच से चेक भी प्रदान किए गए। इससे युवाओं और जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग मिला और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा प्राप्त हुई।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 626 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से एक लाख दो हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया। खास बात यह रही कि सारंगपुर रोजगार मेले में एक ही दिन में 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड और सरकार की रोजगार नीति की सफलता को दर्शाता है। इस अवसर पर विधायक अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कंपनियों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

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