पन्नाः लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर, कई गांवो का संपर्क टूटा, जिला प्रशासन अलर्ट
पन्ना, 03 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले भर के नदी नाले उफान पर है जिसको लेकर कलेक्टर ऊषा परमार ने गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों को सतत निगरानी करने के निर्देश दिये है और स्वयं भी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर आवश्यक उपाय एवं दिशा निर्देश दिये है।
बुधवार को रातभर हुई तेज बारिश के बाद ऐतिहासिक धर्म सागर तालाब लबालब हो गया और बेस्ट वियर से निकला पानी तेज बहाव के साथ शहर के निचले इलाकों में पहुंच गया। हालात इतने बिगड़ गए कि यूनियन बैंक के अंदर तक बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके चलते बैंक को बंद रखना पड़ा। आसपास स्थित कई दुकानों और भवनों के ग्राउंड फ्लोर भी जलमग्न हो गए हैं।
इधर पन्ना नगर की किलकिला नदी भी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। जलभराव के बीच कुछ लोगों के फंसे होने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते पानी और जारी बारिश के कारण प्रशासन और राहत-बचाव दलों के सामने अब प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
जिले की कई नदियां उफान पर, बढ़ा बाढ़ का खतरा - लगातार बारिश के कारण पन्ना जिले की कई नदियां और नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर पानी भरने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। शहर के अनेक मोहल्लों में जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित है। बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। लगातार बारिश ने लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बृजपुर-पहाड़ीखेरा क्षेत्र में नदी नाले उफान पर, कई गांवों का संपर्क टूटा - बृजपुर पहाडीखेरा क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाके में पानी घरों तक पहुंच गया। उमरी और दिया गांव में कई घरों में बारिश का पानी भरने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाघिन नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ शाहपुर, बड़ेरा, रमखिरिया, राजापुर, गहरा, पनारी, इमलोनिया, बरहो कुदकपुर समेत करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। पुल-पुलियों और रपटे के ऊपर से पानी बहने के कारण लोगों ने आवागमन रोक दिया है। लगातार बारिश ने सबसे ज्यादा संकट रमखिरिया रपटे में जुड़े ग्रामीणों के सामने खड़ा किया है। रपटे पर तेज बहाव के चलते आसपास के आधा दर्जन गांवों के बच्चों की पढ़ाई पिछले करीब एक सप्ताह से प्रभावित हो रही है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट - बढ़ते जलस्तर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ऊषा परमार ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपील की कि नदी, नाला, पुल, पुलिया या रपटे के ऊपर पानी बहने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति उसे पार करने का प्रयास न करें। बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की भी जरूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पांडे

