रीवा पाठ्यपुस्तक निगम डिपो में आग से बढ़ा संदेह, 40 लाख की पुस्तकों की चोरी की जांच के बीच हुई घटना
रीवा, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के संभागीय डिपो में सोमवार देर रात आग लगने की घटना ने पहले से चल रहे पुस्तक चोरी प्रकरण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ी क्षति टल गई। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब डिपो से करीब 40 लाख रुपये मूल्य की पुस्तकों के गायब होने के मामले में पुलिस जांच शुरू होने वाली थी।
जानकारी के अनुसार देर रात डिपो के एक हिस्से में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग से करीब 25 बंडल प्रभावित हुए हैं। कुछ बोरियां जल गईं, जबकि कुछ पुस्तकों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। समय रहते आग बुझा लेने से गोदाम में रखी बड़ी मात्रा में किताबें सुरक्षित बच गईं।
इसी डिपो से करीब 40 लाख 63 हजार 426 रुपये मूल्य की 495 बंडल पुस्तकों के गायब होने का मामला पहले ही सामने आ चुका है। यह अनियमितता अप्रैल में उजागर हुई थी। उस समय डिपो का प्रभार प्रवेश तिवारी के पास था। बाद में उन्हें मूल विभाग भेज दिया गया और डिपो का प्रभार पाठ्यपुस्तक निगम के प्रबंधक चक्रेश जैन को सौंपा गया। प्रभार संभालने के बाद उन्होंने चोरहटा थाने में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम की जांच में डिपो के स्टॉक में 495 बंडल सामान्य विक्रय की पुस्तकें कम पाई गईं। मामले को गंभीर मानते हुए निगम मुख्यालय ने जांच दल गठित किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त लोक शिक्षण ने तत्कालीन डिपो प्रभारी प्रवेश तिवारी को निलंबित कर दिया है।
हालांकि प्रवेश तिवारी का कहना है कि उन्होंने पुस्तकों के गायब होने की जानकारी सबसे पहले 15 अप्रैल 2026 को ही चोरहटा थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को दे दी थी। उनके अनुसार चोरी की जांच के लिए समिति भी गठित की गई थी और उसकी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि डिपो में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी थी, जिसकी जानकारी उन्होंने कई बार निगम मुख्यालय को लिखित रूप में दी थी।
रीवा स्थित यह डिपो रीवा और शहडोल संभाग के नौ जिलों में पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। यहां से सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ अधिकृत निजी विक्रेताओं को भी पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में पुस्तक चोरी और उसके बाद आग लगने की घटना ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल पुलिस आग लगने और पुस्तक चोरी, दोनों मामलों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग महज दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

