रीवा एसजीएमएच में लगेगी अत्याधुनिक नेट मशीन, कई जिलों के रक्त नमूनों की होगी जांच
रीवा, 11 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (एसजीएमएच) के ब्लड बैंक में जल्द ही अत्याधुनिक न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (नेट) मशीन स्थापित होने जा रही है। इस मशीन के शुरू होने के बाद रक्त में मौजूद एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे गंभीर संक्रमणों की पहचान अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। खास बात यह है कि सामान्य जांच में बीमारी पकड़ में नहीं आने वाले विंडो पीरियड के दौरान भी संक्रमण की पहचान नेट जांच के माध्यम से संभव होगी।
नेट सुविधा शुरू होने के बाद केवल रीवा ही नहीं, बल्कि सतना, सीधी और शहडोल के जिला अस्पतालों तथा संबंधित ब्लड बैंकों से रक्त के नमूने जांच के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजे जाएंगे। इससे रीवा को आसपास के कई जिलों के लिए रक्त जांच के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
सतना की घटना के बाद बढ़ी रक्त सुरक्षा पर चिंता
सतना जिला अस्पताल में कुछ बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना के बाद प्रदेश में रक्त की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। जांच किए जाने के बावजूद संक्रमित रक्त की पहचान नहीं हो सकी थी। संबंधित रक्तदाता बीमारी के शुरुआती चरण में थे, जिसे चिकित्सा विज्ञान में विंडो पीरियड कहा जाता है। इस अवधि में बीमारी के लक्षण सामने नहीं आते और पारंपरिक जांच में भी संक्रमण का पता चलना मुश्किल होता है।
घटना के बाद दिल्ली से जांच टीम भी सतना पहुंची थी। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने प्रदेश के सभी ब्लड सेंटरों में नेट मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया। एक मशीन की लागत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। नेट जांच की संवेदनशीलता अधिक होने के कारण संक्रमण के शुरुआती चरण में भी इसकी पहचान की जा सकती है। इसी उद्देश्य से श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के ब्लड बैंक को भी नेट सुविधा से जोड़ा जा रहा है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश के शासकीय ब्लड सेंटरों में सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त रक्त उपलब्ध कराने और रक्ताधान से होने वाले संक्रमणों की जल्द पहचान के लिए हब एंड स्पोक मॉडल पर न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग सुविधा स्थापित की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

