रीवा में सीटी-एमआरआई मशीनों के संचालन पर सवाल, जांच में छह टेक्नीशियन अयोग्य मिले

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रीवा में सीटी-एमआरआई मशीनों के संचालन पर सवाल, जांच में छह टेक्नीशियन अयोग्य मिले


रीवा, 26 सितंबर (हि.स.)। संजय गांधी अस्पताल (एसजीएमएच) और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सीटी और एमआरआई मशीनों के संचालन के लिए की गई टेक्नीशियनों की नियुक्ति जांच के घेरे में आ गई है। जांच में छह टेक्नीशियन निर्धारित योग्यता के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। इनमें एक्सरे टेक्नीशियन का कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति किए जाने की बात सामने आई है। जांच के बाद संबंधित टेक्नीशियनों को सेवा से बाहर करने का नोटिस जारी किया गया है। वहीं, दो टेक्नीशियन योग्य पाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जुलाई 2025 में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित एमआरआई मशीन शुरू की गई थी। इसके बाद अगस्त में संजय गांधी अस्पताल में सीटी और एमआरआई सेवाएं शुरू की गईं। दोनों अस्पतालों में मशीनों के संचालन के लिए कार्यकारिणी की बैठक में कुल आठ पदों को मंजूरी दी गई थी।

आरोप है कि इन पदों पर नियुक्ति के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बिना विज्ञापन जारी किए ही अभ्यर्थियों का चयन किए जाने की शिकायत सामने आई। बताया गया कि शुरुआत में सीटी-एमआरआई से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें बाहर कर उनकी जगह अन्य अभ्यर्थियों को रख दिया गया।

मामले में सीटी-एमआरआई टेक्नीशियन के पद पर नियुक्त अंजली चौधरी ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर शिकायत की थी। बताया गया कि अंजली ने मेडिकल कॉलेज से सीटी-एमआरआई का कोर्स किया था और दस्तावेजों के केवाईसी सत्यापन के बाद उन्हें नियुक्ति दी गई थी। बाद में उन्हें सेवा से बाहर कर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्त कर दिया गया।

अंजली चौधरी ने इस संबंध में कमिश्नर, कलेक्टर और डीन के समक्ष शिकायत की। शिकायतों का सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और कमिश्नर के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज तथा संजय गांधी अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच के लिए टीम गठित की गई।

जांच के दौरान सीटी और एमआरआई मशीनों के संचालन के लिए नियुक्त टेक्नीशियनों की शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें छह टेक्नीशियन निर्धारित योग्यता के अनुरूप नहीं पाए गए। वहीं, केवल दो टेक्नीशियनों को योग्य पाया गया।

जांच में सामने आया कि सीटी-एमआरआई मशीनों के लिए जिन टेक्नीशियनों को नियुक्त किया गया, उनमें कुछ के पास एक्सरे टेक्नीशियन का कोर्स था। शिकायतकर्ता का कहना था कि सीटी-एमआरआई का सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को हटाकर एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्त किया गया।

मामले की जांच के बाद आउटसोर्स एजेंसियों हाईट्स और एजाइल पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद अयोग्य पाए गए टेक्नीशियनों को सेवा से बाहर करने का नोटिस जारी किया गया है।

इस पूरे मामले ने अस्पतालों में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक जांच मशीनों के संचालन के लिए योग्य तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। अब संबंधित टेक्नीशियनों को जारी नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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