रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हैरान करने वाला मामला, डॉक्टर ने मृत घोषित किया, अगले दिन चलने लगी सांसें

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रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हैरान करने वाला मामला, डॉक्टर ने मृत घोषित किया, अगले दिन चलने लगी सांसें


रीवा, 05 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की चिकित्सा प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 80 वर्षीय महिला मरीज को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया था। मृत्यु संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन महिला में सांसें चलती मिलीं। इसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीज को तत्काल दोबारा गंभीर रोगी वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार सीधी निवासी करीब 80 वर्षीय गिरिजा गुप्ता को गंभीर हालत में उपचार के लिए 4 सितंबर को संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय लाया गया था। उनकी हालत नाजुक होने के कारण चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान जूनियर डॉक्टर ने मरीज का परीक्षण किया। जांच के समय सांसें नहीं चलने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल में मरीज की मृत्यु से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी किए जाने की बात सामने आई है। अस्पताल के दस्तावेजों में भी महिला को मृत बताया गया था।

मामले में सबसे चौंकाने वाला घटनाक्रम 5 सितंबर को सामने आया। एक दिन पहले मृत घोषित की गई महिला मरीज में दोबारा सांसें चलती मिलीं। इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल में हलचल मच गई। चिकित्सकों ने तत्काल मरीज को फिर से गंभीर रोगी वार्ड में भर्ती किया और उपचार शुरू कर दिया। फिलहाल महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

इस घटना के बाद अस्पताल में मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला को मृत घोषित करने से पहले किन चिकित्सकीय मानकों और जांच प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। जब अस्पताल के दस्तावेजों में मरीज की मृत्यु दर्ज हो चुकी थी, तो अगले दिन उसके जीवित मिलने की स्थिति ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले को लेकर चिकित्सक पीके बघेल ने इसे बेहद दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति बताया है। उनका कहना है कि कुछ गंभीर अवस्था वाले बुजुर्ग मरीजों में ऐसी असामान्य स्थिति देखने को मिल सकती है। उन्होंने बताया कि देश में इस तरह के कुछ दुर्लभ मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

हालांकि, गिरिजा गुप्ता की मौजूदा हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उनका उपचार जारी है। इस घटना ने जहां परिजनों और अस्पताल से जुड़े लोगों को हैरान किया है, वहीं मरीज को मृत घोषित करने से पहले अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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