रीवाः नर्सिंग छात्रों का कमिश्नर कार्यालय पर हंगामा, परीक्षा परिणाम पर तत्काल कार्यवाही की मांग
रीवा, 17 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
2020, 2021 और 2022 बैच के विद्यार्थी पिछले कई वर्षों से अपनी परीक्षाओं और परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। देरी के कारण उनकी आगे की पढ़ाई, सरकारी-निजी अस्पतालों में नौकरी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सभी ठप पड़ी है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि लंबित परीक्षाओं और रिजल्ट के लिए ठोस तारीख तय की जाए। छात्रों का कहना था कि अब और इंतजार संभव नहीं है।
ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों ने बताया कि कोर्स पूरा हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी और बोर्ड स्तर पर परीक्षा कराने और परिणाम घोषित करने में लगातार लेटलतीफी हो रही है। कुछ बैचों की परीक्षा तो हो गई लेकिन मार्कशीट अब तक नहीं आई।
छात्रों ने कहा कि हर भर्ती और रजिस्ट्रेशन में पासिंग सर्टिफिकेट अनिवार्य है। जब तक रिजल्ट नहीं आएगा, तब तक वे न तो उच्च शिक्षा में दाखिला ले सकते हैं और न ही नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह मामला केवल कागजों का नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के भविष्य से जुड़ा है।
एक छात्र ने बताया कि पिछले 2-3 सालों में कई भर्तियां आईं लेकिन फॉर्म नहीं भर पाए क्योंकि डिग्री और मार्कशीट नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो कई छात्र नर्सिंग छोड़कर दूसरे क्षेत्र में चले जाएंगे। छात्रों ने मांग की कि बोर्ड और यूनिवर्सिटी मिलकर परीक्षा और रिजल्ट का कैलेंडर जारी करें, ताकि छात्रों को पता हो कि अगली प्रक्रिया कब होगी।
एक अन्य छात्र ने कहा कि नर्सिंग करने का उद्देश्य ही मरीजों की सेवा करना है। प्रदेश में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, लेकिन हम तैयार होने के बाद भी काम शुरू नहीं कर पा रहे। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के लिए रिजल्ट जरूरी है और वही अटका हुआ है। छात्र ने कहा कि 2020, 2021 और 2022 बैच के अभिभावकों ने फीस, हॉस्टल और पढ़ाई पर लाखों खर्च किए हैं। अब अगर रोजगार नहीं मिला तो आर्थिक संकट गहराएगा। इसलिए शासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
ज्ञापन में छात्रों ने प्रमुख 4 मांगें रखीं
2020, 2021 और 2022 बैच की सभी लंबित परीक्षाएं 60 दिन के अंदर कराई जाएं।
परीक्षा के 30 दिन के भीतर परिणाम घोषित करने की बाध्यता तय हो।
पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
छात्रों को पोर्टल और SMS के जरिए हर अपडेट समय पर दिया जाए।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ज्ञापन लिया और भरोसा दिलाया कि मांगों को शासन और संबंधित विभाग तक भेजा जाएगा। जल्द बैठक कर लंबित परीक्षाओं की समीक्षा कर कार्रवाई की जाएगी। छात्रों ने कहा कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

