रीवाः कलेक्टर पहुंचे आरटीओ कार्यालय, सभी बेंडर की लगाई क्लास अतिक्रमण हटाने दिए निर्देश

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रीवाः कलेक्टर पहुंचे आरटीओ कार्यालय, सभी बेंडर की लगाई क्लास अतिक्रमण हटाने दिए निर्देश


रीवा, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में आरटीओ कार्यालय के पुराने बिल्डिंग परिसर में बेंडरो का कब्जा है। यहां सैकड़ों बेंडर अवैध रूप से कब्जा कर दुकानें सजा ली हैं। इन्हीं के इशारों पर पूरा विभाग चलता है। कोई भी काम इन दलालों के बिना नहीं होता। यही दलाल आरटीओ कार्यालय में हावी रहते हैं। इनका दखल इतना है कि यह कार्यालय के अंदर भी मौजूद रहते हैं।

कर्मचारी, अधिकारी इनसे डर कर रहते हैं। इनकी हिम्मत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दलालों ने कार्यालय के अंदर घुसकर एक महिला कर्मचारी से अभद्रता की थी। इसके बाद मामला इतना बढ़ा कि कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के पास तक पहुंच गया। सभी लिपिकों ने कलेक्टर से दलालों की कारस्तानी और परिसर की हालत की जानकारी दी। कलेक्टर ने शिकायत सुनी और मंगलवार को सीधे आरटीओ कार्यालय पहुंच गए। उनके साथ एसडीएम और तहसीलदार भी पहुंचे। उन्होंने दलालों की जमकर क्लास लगाई। साथ ही नसीहत भी दी कि यदि यहां काम करना है तो नियमों में करो। कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोंगे। इसके अलावा उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया। पूरा परिसर ही अवैध गुमटियों से पटा हुआ मिला। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को तुरंत इन गुमटियों को हटाने के आदेश दिए।

कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि पुराने भवन के कमरों के सामने सभी वेंडरों ने शेड बना रखा था। कलेक्टर ने सभी शेड तोडऩे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरटीओ कार्यालय में हजारों वाहन आते हैं। उन्हें खड़ा करने के लिए जगह नहीं है। पार्किंग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कलेक्टर ने नए आरअीओ भवन का भी निरीक्षण किया। यहां भी अवैध वेंडर नजर आए। उन्हें भी कलेक्टर ने बाहर खदेड़ा।

कलेक्टर महिला क्लर्क की शिकायत पर आरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वेंडर रवि शंकर मिश्रा की क्लास लगाई। रवि शंकर मिश्रा ने कहा कि महिला अधिकारी होकर गालियां देती है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि महिला, पुरुष हो गई और गाली दे रही। तुम महिला हो गए। वेंडर ने कलेक्टर के सामने तर्क देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यहां भी अभद्रता होती है। पब्लिक से गाली गलौज होती है। इस पर कलेक्टर ने कहा ये मिस्टर चुप रहे। फालतू बाते मत किया कर। उन्होंने कहा कि मैं पहली बार आया हूं, कर्मचारियों की शिकायत पर।यहां काम करना है तो नियम कायदे से, कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे। यह सरकारी कैम्पस है। किसी की जागीर नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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