रीवा में आयुष्मान अस्पताल पर अंतरिम रोक, कलेक्टर-एसपी के औचक निरीक्षण के बाद कार्रवाई
रीवा, 24 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में आयुष्मान योजना के तहत संचालित एक निजी अस्पताल पर आगामी आदेश तक अंतरिम रोक लगा दी गई है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने अस्पताल के संचालन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। अस्पताल में भर्ती मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार के लिए भेजने की व्यवस्था करने के निर्देश अस्पताल संचालक डॉ. प्रियंका सिंह को दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार 23 सितंबर की रात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने नए बस स्टैंड के पास संचालित आयुष्मान अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक के विरुद्ध अनैतिक एवं असामाजिक गतिविधियों में लिप्त होने संबंधी शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद अस्पताल के संचालन पर अंतरिम रोक लगाने की कार्रवाई की गई।
इससे पहले गुरुवार को कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल पहुंचकर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली। अधिकारियों ने आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड, उनके उपचार की व्यवस्था और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज से जुड़े दस्तावेजों के साथ योजना के तहत होने वाली प्रक्रिया और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की भी जानकारी ली गई। अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और कर्मचारियों की स्थिति की भी पड़ताल की गई।
सीएमएचओ डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने बताया कि अस्पताल संचालक डॉ. प्रियंका सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का संतोषजनक जवाब तीन दिन के भीतर प्राप्त नहीं होने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। नोटिस का जवाब मिलने तक अस्पताल के संचालन पर अंतरिम रोक प्रभावी रहेगी।
अधिकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ में परिवर्तन की सूचना नहीं दिए जाने का मामला सामने आया। इसके अलावा वर्ष 2024 से अब तक अस्पताल में उपचार के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने की घटना की सूचना नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपचार के लिए डॉ. केडी सिंह के साथ बीएचएमएस डॉक्टर को कार्य करते हुए पाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। वहीं अस्पताल में निर्धारित 100 बेड की संख्या के अनुपात में मरीजों की परिचर्या के लिए पर्याप्त चिकित्सा कर्मी उपलब्ध नहीं पाए जाने की बात कही गई है।
सीएमएचओ के अनुसार शासकीय सेवा में पदस्थ चिकित्सक डॉ. केडी सिंह को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मरीजों का उपचार करते हुए पाया गया। उनके विरुद्ध अनैतिक एवं असामाजिक गतिविधियों में लिप्त होने संबंधी शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने की बात भी नोटिस में उल्लेखित है।
अस्पताल के संचालन पर लगाई गई रोक और जारी कारण बताओ नोटिस के बाद अब अस्पताल प्रबंधन के जवाब पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। प्रशासन द्वारा निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद अस्पताल के संबंध में नियमानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

