सेवानिवृत्त डीजीपी एचएम जोशी के 100वें जन्मदिवस पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह
भोपाल, 05 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरिवल्लभ मोहनलाल जोशी (एच.एम.जोशी) के 100वें जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को मप्र आईपीएस एसोशिएशन द्वारा पुलिस ऑफिसर्समेसभोपाल में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में जोशी को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईपीएस जोशी को कनिष्ठ बैच (2024) की परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारी एवं सहायक पुलिस अधीक्षक, उज्जैन काजल सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह क्षण अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी था, जिसने पुलिस सेवा की परंपरा, सम्मान और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव को भी दर्शाया।
समारोह में जोशी के जीवन, सेवाकाल और उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें उनके प्रशासनिक नेतृत्व, दस्यु उन्मूलन अभियान में योगदान तथा पुलिस सेवा में उनकी विशिष्ट उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर वर्तमान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, पूर्व पुलिस महानिदेशक, पूर्व सेवानिवृत एवं सेवारत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उन्हें 100वें जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि पूर्व पुलिस महानिदेशक एचएम. जोशी का सेवाकाल मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक प्रेरणादायी अध्याय के रूप में स्मरण किया जाता है। उन्होंने अपने नेतृत्व, दूरदर्शिता और दृढ संकल्प के साथ पुलिस बल को कठिन परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से दिशा प्रदान की। उनके कार्यकाल में दस्युउन्मूलन,अपराध नियंत्रण एवं कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहले की गई। उन्होंने विशेष रूप से चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही दस्यु समस्या के समाधान के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई। जोशी के नेतृत्व में पुलिस ने योजनाबद्ध तरिके से संगठित अभियान चलाकर दस्यु गिरोहों के विरुद्ध कई अभियान चलाये, जिससे अनेक कुख्यात डकैतों का सफाया हुआ तथा बड़ी संख्या में डाकुओं ने आत्मसमर्पण किया। इन सबके परिणामस्वरूप विकास के नए मार्ग प्रशस्त हुए। जोशी का नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण आज भी पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पुलिस महानिदेशक मकवाणा ने कहा कि एच.एम. जोशी के व्यक्तित्व और कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने अपने कर्तव्यों को सदैव 'कर्म ही पूजा है की भावना के साथ निभाया। वे श्रीमद्भगवद्गीता के सिद्धांतों से गहराई से प्रेरित रहे और उसी के अनुरूप निष्काम भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे। उनका मानना था कि किसी भी अधिकारी के लिए कर्तव्य पालन ही सर्वोच्च धर्म है और यदि व्यक्ति बिना किसी स्वार्य या अपेक्षा के अपने कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करता है, तो वही सच्ची सेवा मानी जाती है।
इसके अतिरिक्त जोशी के अधीन एवं साथ में कार्य किये सेवानिवृत अधिकारियों अरूणगूटरू, एम. नटराजन, एम.एल. जैन, डी.पी. खन्ना एवं एच.एस. सोनी ने भी अपने संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर श्री एच. एम. जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुलिस सेवा को समाज के प्रति समर्पित सेवा बताया तथा अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से कार्य करने का संदेश दिया।
आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकवि.स.बल चंचल शेखर ने 100 वे जन्म दिवस के उपलक्ष्य में एच.एम. जोशी को हार्दिक बधाई दी तथा उन्हें सभी सेवारत पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया। उन्होंने बताया कि 100वां जन्मदिवस उनके द्वारा कमाई हुई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो एक कुशल व्यक्ति द्वारा सकारात्मक सोच, सक्रिय जीवनशैली एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन से हासिल हुई हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

