मप्रः न्यूनतम चक निर्धारण के लिये अंतर्विभागीय समिति का पुनर्गठन

- न्यूनतम चक की अनुशंसाएं एक सप्ताह में देने के निर्देश

भोपाल, 13 मई (हि.स.)। नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा प्रदेश में एक हेक्टेयर से 2.5 हेक्टेयर तथा जल संसाधन विभाग द्वारा पांच हेक्टेयर चक तक कमाण्ड एरिया में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिये न्यूनतम चक के निर्धारण के लिये समिति का गठन किया गया था। जल संसाधन विभाग की साधिकार समिति की 75वीं बैठक में विभाग को कृषकों को कृषि कार्य के लिये आवश्यक न्यूनतम चक के निर्धारण के लिये अंतर्विभागीय समिति गठित करने के निर्देश दिये गये थे। इसके पालन के लिये साधिकार समिति की बैठक में अंतर्विभागीय समिति गठित की गई है। यह जानकारी सोमवार को जनसम्पर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने दी।

कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित

उन्होंने बताया कि वित्त विभाग को शामिल करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समिति का पुनर्गठन किया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में प्रमुख सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विभाग, प्रमुख सचिव वित्त, सचिव नर्मदा घाटी विकास विभाग, सचिव जल संसाधन विभाग, आयुक्त किसान कल्याण-कृषि विकास संचालनालय, सदस्य अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को शामिल किया गया है। प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। गठित समिति सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली परियोजना में न्यूनतम चक की अनुशंसाएँ राज्य शासन को एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के लिये कहा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश / उमेद

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