हरदा: मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए उफनती नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण
हरदा, 8 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी विकासखंड की ग्राम पंचायत नजरपुरा में अजनाल नदी पर पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों को मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए हर बारिश में जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। नदी में पानी बढ़ने पर अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर उफनती धारा पार करना मजबूरी बन जाता है। लंबे समय से लंबित पुलिया निर्माण को लेकर अब ग्रामीणों ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों के अनुसार अजनाल नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए आज भी सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं है। वर्षा के दौरान नदी उफान पर होने से अंतिम यात्रा निकालना अत्यंत कठिन और जोखिम भरा हो जाता है। कई बार दुर्घटना की आशंका के बीच ग्रामीण बहते पानी से होकर शव लेकर मुक्तिधाम तक पहुंचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण के लिए धनराशि की व्यवस्था की जा चुकी है। जनपद निधि, विधायक निधि और ग्राम पंचायत के अंशदान सहित 44.32 लाख रुपये के प्रस्ताव को पंचायत से स्वीकृति देकर तकनीकी मंजूरी के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) को भेजा गया है, लेकिन अब तक तकनीकी स्वीकृति जारी नहीं की गई है।
सरपंच प्रतिनिधि सुभाष किरार ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों को पत्र लिखे गए और कलेक्टर से भी मुलाकात की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों को अंत्येष्टि के लिए नदी पार करना पड़ता है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर पुलिया निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति जारी कर काम शुरू नहीं कराया गया तो गांव के लोग धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल विकास का नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था से जुड़ा जनहित का महत्वपूर्ण मुद्दा है।
जनपद पंचायत टिमरनी के उपाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिया निर्माण के लिए 44.32 लाख रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। भोपाल से आई तकनीकी टीम स्थल का निरीक्षण भी कर चुकी है और शीघ्र स्वीकृति मिलने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिया बनने से नजरपुरा सहित आसपास के तीन गांवों के लोगों को वर्षभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और बरसात के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका भी समाप्त होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / Pramod Somani

