रतलाम में पीएम आवास योजना के 208 फ्लैट खाली कराने पर बवाल, पूर्व विधायक की कमिश्नर से तीखी नोकझोंक

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रतलाम में पीएम आवास योजना के 208 फ्लैट खाली कराने पर बवाल, पूर्व विधायक की कमिश्नर से तीखी नोकझोंक


रतलाम में पीएम आवास योजना के 208 फ्लैट खाली कराने पर बवाल, पूर्व विधायक की कमिश्नर से तीखी नोकझोंक


रतलाम में पीएम आवास योजना के 208 फ्लैट खाली कराने पर बवाल, पूर्व विधायक की कमिश्नर से तीखी नोकझोंक


रतलाम, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के डोसी गांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना की ईडब्ल्यूएस (ईडब्ल्यूएस) मल्टी में अवैध कब्जा हटाने की नगर निगम की कार्रवाई बुधवार को भारी विरोध के बीच शुरू हुई।

प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम सुबह मौके पर पहुंची और 208 फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। कई परिवारों का घरेलू सामान बाहर निकलवाकर मकानों को सील किया गया, जबकि रहवासियों ने बारिश के मौसम में बेघर किए जाने का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की।

कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक पारस सकलेचा अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और निगम की कार्रवाई रोकने की मांग की। इस दौरान उनकी नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना से तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि सकलेचा ने गुस्से में कमिश्नर से कहा, आपकी नौकरी खा जाऊंगा। जवाब में कमिश्नर ने कहा, अगर आपको इन लोगों से इतनी मोहब्बत है तो इनके पैसे आप जमा कर दीजिए। दोनों के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो भी मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया।

सड़क पर लेटकर किया विरोध

पूर्व विधायक सकलेचा ने कार्रवाई का विरोध करते हुए फ्लैटों से सामान ले जा रहे लोडिंग वाहन के सामने खड़े होकर उसे रोकने की कोशिश की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लगातार बारिश के बीच गरीब परिवारों को बेघर करना अमानवीय है। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो वे पहले सड़क पर बैठ गए और फिर वहीं लेट गए। महिला पुलिस अधिकारियों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने विरोध जारी रखते हुए कहा, मैं नहीं उठूंगा, यहीं मर जाऊंगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने गरीबों पर अत्याचार बंद करो, गरीबों की लड़ाई हम लड़ेंगे जैसे नारे लगाए। स्थिति तनावपूर्ण होने पर अतिरिक्त पुलिस बल और एम्बुलेंस मौके पर बुलानी पड़ी।

लगातार विरोध और धक्का-मुक्की के बीच कुछ देर बाद पारस सकलेचा की तबीयत बिगड़ गई। मेडिकल टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और उन्हें स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। उनके अस्पताल रवाना होने के बाद भी नगर निगम की कार्रवाई जारी रही।

कांग्रेस पार्षद को भी पुलिस ने हटाया

विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सलीम बागवान भी शामिल हुए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए रहवासियों के समर्थन में प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और रहवासियों की नारेबाजी लंबे समय तक जारी रही।

महिलाओं और बच्चों ने जताया विरोध

कार्रवाई के दौरान कई परिवारों का सामान निगम कर्मचारियों ने बाहर निकलवाकर लोडिंग वाहनों में रखवाया। महिलाएं छोटे बच्चों के साथ घरों के बाहर बैठकर विरोध करती रहीं। कुछ परिवारों ने अपने मकानों में ताला लगाकर कलेक्ट्रेट पहुंचने की कोशिश की, जबकि कई लोग कार्रवाई रोकने की मांग करते रहे। मंगलवार को भी प्रभावित रहवासी जनसुनवाई में अपनी बात रखने कलेक्ट्रेट जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम तरुण जैन को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में रहवासियों ने कहा कि वे कई वर्षों से इन आवासों में रह रहे हैं, लेकिन नगर निगम ने पेयजल, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने निगम कर्मचारियों पर महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की। इधर, नगर निगम का कहना है कि डोसी गांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना की ईडब्ल्यूएस मल्टी में अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जा रही है। हालांकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था और राहत दिए बिना बेदखल किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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