रतलाम: लापता बेटी के पिता ने कार्रवाई नहीं होने पर फांसी लगाई, चौकी प्रभारी निलंबित

रतलाम, 1 अप्रैल (हि.स.)। जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र की मावता पुलिस चौकी के तहत आने वाले ग्राम रानीगांव के एक व्यक्ति द्वारा अपनी लापता बेटी के संबंध में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने से नाराज होकर खुदकुशी कर ली। खबर मिलने पर स्वजन, लोग तथा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

स्वजन व लोगों ने पुलिस के खिलाफ नाराजी व्यक्त करते हुए न्याय करने की मांग कर शव नहीं उतारने दिया। करीब साढ़े सात घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद शव उतराने दिया गया। मामले में एसपी ने लापरवाही बरतने पर मावता चौकी प्रभारी (एसआइ) प्रतापसिंह भदौरिया को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार छह मार्च 2024 को 39 वर्षीय मृतक रामगोपाल पुत्र गंगाराम सांसरी निवासी रानीगांव की 16 वर्षीय बेटी लापता हो गई थी। स्वजन ने खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिली। स्वजन ने मावता चौकी पर गुमशुदगी दर्ज कराते हुए एक युवक पर उसे ले जाने की शंका जताई थी। पुलिस ने मामले में अपहरण का प्रकरण दर्ज किया था। वहीं 31 मार्च को रामगोपाल ने रानीगांव-ठिकरिया मार्ग पर जंगल में पेड़ पर रस्सी का फंदा बांधकर फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई।

शाम करीब साढ़े चार बजे उसके फांसी लगाने की खबर तेजी से फैली तो स्वजन व बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस भी मौके पर पहुंचे और शव नीचे उतारने का प्रयास किया तो स्वजन व लोग नाराज हो गए तथा पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग करने लगे।

स्वजन व लोगों का आरोप था कि कई बार रामगोपाल पुलिस चौकी गया लेकिन चौकी प्रभारी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। चौकी प्रभारी, उसकी बेटी को ले जाने वाले तथा उसकी मदद करने वालों के साथ कार्रवाई करें, तब शव उतारने दिया जाएगा।

रात 12.10 बजे उतारने दिया शव

जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मों व कालूखेड़ा थाना प्रभारी संतोष चौरसिया भी मौके पर पहुंचे तथा स्वजन व लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने इसी बीच किशोरी को ले जाने वाले युवक की मदद करने वालों को नाम बताने पर दो लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद रात 12.10 बजे सीएसपी ने मौके पर स्वजन को बताया कि जिन दो लोगों पर शंका जताई थी, उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पूरे मामले की बारिकी से जांच की जाएगी और जिस की लापरवाही सामने आएंगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद स्वजन ने शव उतराने दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। सोमवार को पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव रामगोपाल के स्वजन को सौंप दिया।

हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी

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