दमोह: रानी अवंती बाई की 195वीं जयंती पर दमोह में भव्य तिरंगा यात्रा, बारिश के बीच भी उमड़ा उत्साह
दमोह, 16 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में रविवार को वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 195वीं जन्म जयंती के अवसर पर नोहटा से लेकर दमोह तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। तहसील मैदान से निकली मुख्य तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जटाशंकर स्थित वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थल पहुंची।
कार्यक्रम में प्रदेश शासन के संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, हटा विधायक उमा देवी खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके पूर्व नोहटा में राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने तेज बारिश के बीच वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नोहटा से तिरंगा रैली दमोह के लिए रवाना हुई। बारिश के बावजूद रैली में लोगों की संख्या कम नहीं हुई और बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं तथा अन्य लोग तिरंगा लेकर शामिल हुए।
दमोह में तहसील मैदान से निकली तिरंगा यात्रा की अगुवाई राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी और सांसद राहुल सिंह लोधी ने की। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जटाशंकर पहुंची। यहां रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर अतिथियों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मंचीय कार्यक्रम शुरू हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि अमर शहीद किसी एक समाज के नहीं होते। उनके योगदान और बलिदान से सभी समाजों को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई का जीवन देशभक्ति, साहस और त्याग का उदाहरण है। उन्होंने कम उम्र में अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष कर अपने अदम्य साहस का परिचय दिया।
राज्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद, रानी दुर्गावती, झलकारी बाई और रानी अवंती बाई जैसी वीर विभूतियों ने देश के लिए अपना जीवन समर्पित किया। ऐसे अमर शहीदों और वीरांगनाओं को याद करने से नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई का नाम लेते ही लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होती है और उनके जीवन से देश तथा समाज के लिए काम करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने आयोजन समिति और समाज के लोगों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। राज्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनका उद्देश्य अपने गौरवशाली इतिहास और अमर शहीदों को याद करना है। कार्यक्रम में प्रस्तुत नशामुक्ति नाट्य प्रस्तुति की भी उन्होंने सराहना की।
दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि यदि समाज सही दिशा में कार्य करता है तो उसकी उन्नति निश्चित है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करनी होगी। बच्चों को बेहतर शिक्षा और सही दिशा देकर ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।
सांसद ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई का जन्मदिवस और बलिदान दिवस प्रत्येक गांव में आयोजित किया जाना चाहिए। इसके लिए निश्चित तिथि, समय और स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन और बलिदान को जान सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष जयंती का आयोजन नए स्वरूप और अधिक भव्यता के साथ किया जाएगा।
सांसद ने बताया कि दमोह जिले में रानी अवंती बाई की दो प्रतिमाएं स्थापित हैं। जटाशंकर में जन्मोत्सव तथा नोहटा में बलिदान दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने आयोजन की तैयारियों में पिछले एक माह से जुटी आयोजन समिति के सदस्यों की सराहना की।
हटा विधायक उमा देवी खटीक ने कहा कि रानी अवंती बाई के जीवन से महिलाओं को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रानी के जीवन और संघर्ष से देश की आन-बान-शान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में प्रस्तुतियों के माध्यम से रानी के जीवन के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए शौर्य और वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि रानी के व्यक्तित्व में वीरता के साथ संवेदनशीलता और ममता भी दिखाई देती है।
अध्यक्ष भाव सिंह लोधी ने कहा कि रानी अवंती बाई ने किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज और देश के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि समाज की जिम्मेदारी केवल अपने वर्ग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जरूरतमंद प्रत्येक व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई पूरे समाज की गौरव थीं। उन्होंने कहा कि रानी ने विभिन्न वर्गों और समाजों के लोगों के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उनका जीवन देश के गौरवशाली इतिहास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाता है।
दमोह के पूर्व विधायक अजय टंडन ने कहा कि विभिन्न समाजों और अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े लोगों का एक मंच पर एकत्र होना रानी अवंती बाई के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि रानी के जीवन से देश और प्रदेश की आन-बान-शान के लिए बलिदान की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों का सम्मान किया गया। प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा वीरांगना रानी अवंती बाई की शौर्यगाथा पर आधारित पुस्तक ‘क्रांति-ज्वाला’ का विमोचन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह लोधी और अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
समारोह में रानी अवंती बाई के जीवन और संघर्ष पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। नशामुक्ति को लेकर प्रस्तुत नाट्य कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के सह संयोजक सतेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग रानी अवंती बाई की जयंती मनाने के लिए दमोह पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए मातृशक्ति, कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

