राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

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राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग


भोपाल, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शनिवार काे आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मुकेश नायक, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा, कुंदन पंजाबी, अभिनव बरोलिया तथा आनंद जाट भी उपस्थित रहे। मुकेश नायक ने कहा कि भाजपा ने पिछले तीन दशकों में धर्म और आस्था का राजनीतिक उपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक विषयों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाए जाने से समाज में विभाजन की स्थिति बनी है।

इसके बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं और दान की गई सामग्री के प्रबंधन को लेकर गंभीर प्रश्न उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के पालन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि दान में मिली चांदी की ईंटों और नकद राशि के संबंध में पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा पूरे मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और अंतिम रिपोर्ट में अंतर होने से जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

पाटिल ने मंदिर प्रबंधन और जांच से जुड़े कुछ अधिकारियों की नियुक्तियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा करना कठिन है, जिन पर पहले से विवाद या आरोप रहे हों। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन और उसके संचालन को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस विषय पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।

पत्रकार वार्ता के दौरान पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राम मंदिर को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विषय में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।

इस अवसर पर कांग्रेस ने पांच प्रमुख मांगें रखीं-

* राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित किया जाए।

* नए ट्रस्ट में शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, संत समाज तथा विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।

* पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।

* जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करें।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय में सत्य सामने आना आवश्यक है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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