मप्र के राजगढ़ में निर्माणाधीन कुआं धंसा, कांग्रेस नेता की मां और पत्नी मलबे में दबीं, रेस्क्यू जारी
राजगढ़, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र स्थित बामन गांव में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन कुआं अचानक धंस जाने से कांग्रेस नेता एवं जनपद सदस्य मुकेश कोट (डांगी) की मां और पत्नी मलबे में दब गईं। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, मुकेश कोट अपने खेत में पुराने कुएं का पुनर्निर्माण करा रहे थे। खुदाई के बाद कुएं की बाउंड्री आरसीसी से तैयार की गई थी।मंगलवार को निर्माण कार्य पूरा हो गया था। आरसीसी को मजबूत करने के लिए कुएं के चारों ओर की जमीन को गीला किया गया था, जबकि बाउंड्री में लोहे की सेंट्रिंग भी लगी हुई थी। बुधवार को दोपहर करीब एक बजे मुकेश कोट की 60 वर्षीय मां रूपा बाई और 30 वर्षीय पत्नी पिंकी बाई खेत में निर्माणाधीन कुएं को देखने पहुंचीं। कुएं के पास आरसीसी कार्य में इस्तेमाल हुई बची हुई गिट्टी रखी थी। गिट्टी बिखरी देखकर रूपा बाई उसे व्यवस्थित करने लगीं। उन्हें देखकर पिंकी बाई भी मदद के लिए आगे आईं। इस दाैरान अचानक मिट्टी धंसने के साथ दोनों कुएं में गिर गईं और मलबे के नीचे दब गईं। बताया जा रहा है कि भारी मात्रा में मिट्टी गिरने से कुआं लगभग पूरी तरह भर गया।
रेस्क्यू अभियान में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से कुएं के आसपास जमा मिट्टी हटाई जा रही है, जबकि अभियान को गति देने के लिए पोकलेन मशीन भी मौके पर बुलाई गई है। पुलिस, राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार बचाव कार्य बेहद सावधानी से किया जा रहा है, ताकि अतिरिक्त मिट्टी धंसने से कोई और दुर्घटना न हो। मिट्टी में दबी महिलाओं तक जल्द पहुंचने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
हादसे के बाद गांव में मचा हड़कंप
कुआं धंसने की आवाज सुनते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। महिलाओं के मलबे में दबने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने प्रारंभिक स्तर पर फावड़ों और अन्य साधनों से मिट्टी हटाने का प्रयास किया, लेकिन कुएं की गहराई और भारी मलबे के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैनात
संभावित आपात स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। खिलचीपुर अस्पताल से एंबुलेंस को घटनास्थल पर स्टैंडबाय रखा गया है, ताकि महिलाओं को बाहर निकालते ही तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। खबर लिखे जाने तक बचाव अभियान जारी था। प्रशासन और ग्रामीणों की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

