रायसेन जिला जेल में कैदी ने प्रहरी को मारी गोली, भागने की कोशिश में वारदात, जेल अधीक्षक निलंबित

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रायसेन जिला जेल में कैदी ने प्रहरी को मारी गोली, भागने की कोशिश में वारदात, जेल अधीक्षक निलंबित


रायसेन, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह करीब 9 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब हत्या के मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी ने ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी पर गोली मार दी। घटना में प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल रायसेन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और जांच के बाद हालत गंभीर होने पर भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया। घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर बरेली क्षेत्र के दिमाड़ा गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं और वह विचाराधीन कैदी के रूप में जिला जेल में बंद था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार को जेल परिसर में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम प्रस्तावित था। कार्यक्रम के लिए फलों की टोकरी लेकर नीलेश जेल के मुख्य गेट के पास पहुंचा था। आरोप है कि उसने गेट खुलवाकर बाहर निकलने की कोशिश की। प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने कथित तौर पर गोली चला दी।

फायरिंग के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जेलकर्मियों ने घायल प्रहरी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को पकड़ लिया गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

गोली फेफड़े के निचले हिस्से के पास लगी, हालत गंभीर

जिला अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक सागर के अनुसार, प्रहरी की पीठ के ऊपरी हिस्से में गोली लगी थी। एक्स-रे में गोली फेफड़े के निचले हिस्से में फंसी दिखाई दी। फेफड़े में पानी जमा होने और स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स रेफर किया गया।

जेल के अंदर हथियार पहुंचा कैसे?

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। गंभीर आपराधिक मामलों में बंद विचाराधीन कैदी तक हथियार कैसे पहुंचा, यह जांच का अहम बिंदु बन गया है। पुलिस और जेल प्रशासन सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ कर्मचारियों और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार जेल परिसर में किस रास्ते से पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक तो नहीं हुई।

जेल अधीक्षक निलंबित, आईजी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच

घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया गया हैं। वहीं मामले की जांच का जिम्मा आईजी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया है। जेल प्रशासन की ओर से भी विभागीय जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। खास तौर पर जेल परिसर में हथियार पहुंचने और कैदी के पास उसके उपलब्ध होने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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