दमोह-प्रशासन की संवेदनशील पहल बनी सहारा, सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित राधिका के परिवार को मिली उम्मीद
दमोह, 20 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम परासई की राधिका को जहां सहायता मिली तो परिवार के चेहरों पर मुस्कुराहट देखी गयी। मंगलवार को कलेक्टेड में जनसुनवाई में यह दृश्य जिसने भी देखा सभी कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के कार्यों की प्रशंसा कर रहे थे।
सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित राधिका -
गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसी बच्चे के लिए इलाज जितना आवश्यक होता है, उतना ही जरूरी होता है समय पर मिलने वाला सहयोग और भरोसा। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित राधिका के जीवन में हाल ही में ऐसा ही एक सकारात्मक मोड़ तब आया, जब जिला कलेक्टर कोचर ने आगे बढ़कर परिवार की सहायता की। राधिका बचपन से ही सेरेब्रल पाल्सी जैसी जटिल बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी के कारण उसके दैनिक जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई चुनौतियाँ परिवार के सामने खड़ी थीं। सीमित संसाधनों के बीच इलाज और देखभाल करना परिवार के लिए लगातार कठिन होता जा रहा था। ऐसे हालात में प्रशासन की ओर से मिली मदद ने परिवार को बड़ी राहत दी। विदित हो कि कलेक्टर कोचर जब गत दिवस जिले के ही जबेरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम परासई गये हुये थे वह वहां के ग्रामीणों से संवाद कर रहे थे उसी दौरान राधिका के माता-पिता ने समस्या के संबध में जानकारी दी। वह जिस प्रकार से अपनी बात कलेक्टर कोचर के सामने रख रहे थे तो उससे समस्या या बीमारी स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। मानवीयता एवं नवाचार के लिये पहचाने जाने वाले कलेक्टर कोचर ने बीमारी के उपचार से संबधित दस्तावेज मांगे और अध्यन करने के बाद राधिका को लेकर दमोह आने कहा।
कलेक्टर की मानवीयता की चर्चा-
कलेक्टर कोचर द्वारा की गई इस पहल ने न केवल राधिका के उपचार में सहारा दिया, बल्कि उसके माता-पिता के मन में यह विश्वास भी पैदा किया कि वे इस संघर्ष में अकेले नहीं हैं। सहायता मिलने के बाद परिवार के चेहरों पर दिखाई दी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील निर्णय कितनी गहरी सकारात्मक छाप छोड़ सकते हैं। यह मामला यह भी दर्शाता है कि जब प्रशासन मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करता है, तो उसका प्रभाव केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता। ऐसी घटनाएँ समाज में यह संदेश देती हैं कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी आज भी व्यवस्था का हिस्सा है। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह घटना एक उम्मीद की किरण है।
कलेक्टर कोचर की यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि अन्य अधिकारियों और समाज के लिए भी प्रेरणा है कि सहयोग और करुणा से किसी के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर कहते हैं कि तीन बीमारियां एैसी हैं जिसमें मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा दिव्यांग पेंशन की राशि दो गुनी होती है। उन्होने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी,मानसिक/बौद्धिक दिव्यांग एवं बहु दिव्यांग यह तीन प्रकार की बीमारियों से अगर कोई भी जिले में ग्रसित है तो वह तत्काल दमोह हेल्प लाईन या मुझसे आकर सीधे संपर्क करे उसकी पूरी मदद की जायेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

