फ्लाई ओवर से गिरे टुकड़े मूल स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं स्लरी थे

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फ्लाई ओवर से गिरे टुकड़े मूल स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं स्लरी थे


जबलपुर, 05 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बने करीब 800 करोड़ रुपये लागत वाले फ्लाईओवर से मंगलवार दोपहर अचानक कंक्रीट के टुकड़े गिरे, जिससे नीचे से गुजर रहे लोगों में डर का माहौल बन गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहगीरों को वहां से हटाया, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग ने जनसंपर्क के माध्यम से इस बारे में सफाई देते हुए विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें कहा गया है कि फ्लाईओवर से गिरा मटेरियल 'स्लरी' था, मूल स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं था।

विभाग ने बताया कि दमोह नाका-महल फ्लाईओवर से मदनमहल स्टेशन के समीप कंक्रीट के टुकड़े गिरने के वायरल हुये वीडियो पर लोक निर्माण विभाग ने वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है।

लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री शिवेंद्र सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में दिख रहा मटेरियल फ्लाईओवर के मूल स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं है। यह बॉक्स सेगमेंट एवं डेक स्लैब के ज्वाइंट का स्लरी वाला भाग है। यह मटेरियल डी-शटरिंग के दौरान सतह पर चिपका रह जाता है।

कार्यपालन यंत्री ने बताया कि न तो यह तकनीकी खामी है और न ही इससे फ्लाईओवर के मूल स्ट्रक्चर को किसी प्रकार नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि टेम्प्रेचर वेरिएशन के कारण कई बार यह चिपिंग मटेरियल सतह से निकल जाता है, जैसा कि वीडियो में प्रदर्शित हो रहा है।

कार्यपालन यंत्री के मुताबिक कांट्रेक्टर को इस चिपिंग मटेरियल को निकालने के निर्देश दे दिए गये हैं और कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया है।

वहीं जागरूक नागरिकों का कहना है कि इतना वजनदार मटेरियल यदि गुजर रहे किसी व्यक्ति पर गिर जाए तो स्थिति गम्भीर हो सकती है। वहीं दूसरी ओर क्या विभाग इसके गिरने का इंतजार कर रहा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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