राजगढ़ः पुरुषोत्तम मास के महत्व पर आचार्य प्रमोद नागर का प्रवचन, भागवत गंगा का दिव्य रहस्य सुनकर भक्त हुए भावविभोर
राजगढ़, 27 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर स्थित शिवधाम कॉलोनी में चल रही सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा में आचार्य प्रमोद नागर ने प्रथम दिवस मंगलवार की रात को पुरुषोत्तम मास का गूढ़ महत्व बताते हुए कहा कि यह मास तीन साल में एक बार आता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस पवित्र मास में दान, जप-ध्यान और अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है।
कथा में बुधवार को भक्त धु्रव और प्रह्लाद के प्रेरक प्रसंग सुनाए जाएंगे। आचार्य नागर ने भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए बताया कि संसार में दो गंगाएं हैं, भागीरथी गंगा और उनकी बहन भागवत गंगा, दोनों ही जीवन को तारने वाली मानी गई हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण वही प्राप्त कर पाता है, जिसके पिछले जन्मों में संतों, ब्राह्मणों और गौ सेवा का पुण्य संचित होता है। मानव जीवन, भक्ति और संतों का आशीर्वाद ये तीनों ही दुर्लभ हैं और इनसे ही जीवन का वास्तविक उत्थान संभव है।
आचार्य ने राम-नाम के कलयुग में सर्वोच्च साधन होने का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान का नाम ही लोक और परलोक को संवारने में समर्थ है। व्यक्ति का कल्याण उसके पुत्र से नहीं, बल्कि उसके पुण्य कर्मों से होता है। कथा में आत्मदेव, धुंधली और गोकरण के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया।संगीतमय कथा में उपस्थित महिलाएं, बच्चे और युवा मंत्रमुग्ध हो गए और सनातन धर्म की भावनाएं जागृत हुईं। यह कथा 26 मई से 1 जून तक प्रतिदिन रात्रि 8 से 11 बजे तक आयोजित की जा रही है। शिवधाम कॉलोनी समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर पुण्यलाभ लेने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

