अनूपपुर: नसबंदी के 3 साल बाद महिला गर्भवती, डॉक्टर्स की शिकायत

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अनूपपुर: नसबंदी के 3 साल बाद महिला गर्भवती, डॉक्टर्स की शिकायत


अनूपपुर: नसबंदी के 3 साल बाद महिला गर्भवती, डॉक्टर्स की शिकायत


अनूपपुर: नसबंदी के 3 साल बाद महिला गर्भवती, डॉक्टर्स की शिकायत


अनूपपुर: नसबंदी के 3 साल बाद महिला गर्भवती, डॉक्टर्स की शिकायत


अनूपपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान दो बड़े मामले सामने आए। एक नसबंदी ऑपरेशन फेल होने से परेशान महिला न्याय मांगने पहुंची, तो दूसरी तरफ एक दिव्यांग किसान अपनी जमीन के मुआवजे के लिए गुहार लगाता नजर आया।

कोतमा तहसील के थानगांव की रहने वाली 27 वर्षीय चांदनी केवट ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का दंश झेल रहीं चांदनी ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे हैं, जिसके चलते उन्होंने साल 2022 में कोतमा स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन (एलटीटी ऑपरेशन) करवाया था। विभाग ने उन्हें सफल ऑपरेशन का सर्टिफिकेट भी दिया था, लेकिन अब तीन साल बाद वह फिर से गर्भवती हो गई हैं।

आर्थिक मानसिक परेशानी पर मुआवजे की मांग

चांदनी का कहना है कि तीन महीने की गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद से उनका परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। उन्होंने इसे पूरी तरह से डॉक्टर्स की विफलता बताया है। इस मामले पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तुरंत उचित सलाह और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जमीन ले ली पर नहीं दिया मुआवजा

जनसुनवाई में ग्राम रक्सा के दिव्यांग किसान रामदीन राठौर भी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रामदीन का आरोप है कि 'न्यूजोन कंपनी' ने पावर प्लांट लगाने के लिए उनकी करीब 7 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजे की फूटी कौड़ी नहीं मिली है। रामदीन ने बताया कि वह पहले भी अधिकारियों और कंपनी के सामने अपनी मांग रख चुके हैं और 7 दिन का अल्टीमेटम भी दे चुके हैं। किसान का कहना है कि अगर प्रशासन और कंपनी जल्द ही उनके खाते में मुआवजे की राशि ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो वह अपनी अधिग्रहित जमीन पर फिर से खेती करना शुरू कर देंगे। कलेक्टर ने इस मामले में भी जांच के निर्देश दिए हैं।

कंपनी का कहना हैं कि परिवारिक विवाद पर किसान को मुआवजा नहीं मिला हैं।

18 माह का वेतन हड़पने का आरोप, दो साल से न्याय को भटक रहा वन चौकीदार

मंगलवार को जनसुनवाई एक बार फिर चौकीदार बाबूलाल सिंह ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी फरियाद दोहराई और बताया कि बताया कि उसका 18 माह का वेतन तत्कालीन बीट गार्ड सोमपाल सिंह कुशराम द्वारा हड़प लिया गया, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे आज तक उसका हक नहीं मिल पाया है। पीड़ित चौकीदार बाबूलाल सिंह न्याय की आस में कलेक्टर कार्यालय एवं वन विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुका है, किंतु हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। कार्रवाई के नाम पर विभाग की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है।

जनसुनवाई में आये 42 आवेदन

जिला स्तरीय जनसुनवाई कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 42 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसील जैतहरी के ग्राम अमगवां निवासी मिठाईलाल कोल ने किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने, तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम बहपुरी निवासी मंगेश्वरी बाई ने राशन कार्ड में नाम जोड़े जाने, तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम बहपुर निवासी पुष्पराज चन्द्रवंशी ने नामांतरण के संबंध में, तहसील कोतमा के ग्राम देवगवां निवासी दीनदयाल यादव ने सीमांकन के संबंध में, तहसील अनूपपुर के ग्राम छिल्पा निवासी श्रीमती नानबाई ने बंटवारा के संबंध में, तहसील कोतमा के ग्राम सोमनाटोला निवासी नथुआ ने एसईसीएल हंसदेव क्षेत्र द्वारा अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा राशि दिलाए जाने के संबंध में आवेदन दिए।

जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर प्राशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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